*योगी के चाबुक से हिला शाहगंज: तहसीलदार निलंबित, सिधांई के 'चौमुखी सिंडिकेट' में हड़कंप!*
*शाहगंज में प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक: योगी सरकार ने तहसीलदार को किया निलंबित अब चलेगा बुलडोजर!*

*शासन के संज्ञान लेते ही फूटा ‘योगी का चाबुक’: शाहगंज तहसीलदार सौरभ कुमार निलंबित!*
*सिधांई के ‘चौमुखी सिंडिकेट’ में हड़कंप, अब भू-माफियाओं पर चलेगा बुलडोजर!*
*विशेष रिपोर्ट*
जौनपुर! उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और ‘एंटी भू-माफिया’ अभियान को चुनौती देना अब जौनपुर के भ्रष्ट तंत्र को भारी पड़ गया है। शाहगंज तहसील के ग्रामसभा सिधांई में पनप रहे भू-माफिया, फर्जी पुजारी, भ्रष्ट ग्राम प्रधान और राजस्व कर्मियों के ‘चतुष्कोणीय सिंडिकेट’ (Quadrangular Syndicate) द्वारा किए गए महाघोटाले और मंदिर की ज़मीन पर कब्ज़े की गूंज लखनऊ तक पहुँचते ही शासन ने बड़ा प्रहार किया है।
राजस्व मामलों के निस्तारण में ढिलाई और इस पूरे प्रकरण में गंभीर लापरवाही उजागर होने पर योगी सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए शाहगंज तहसीलदार सौरभ कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजस्व परिषद द्वारा प्रदेश भर की समीक्षा के बाद हुई इस बड़ी दंडात्मक कार्रवाई से शाहगंज तहसील प्रशासन और सिंडिकेट के आकाओं में हड़कंप मच गया है।
📌 १. आस्था पर कुठाराघात: प्राचीन मंदिर की भूमि पर अवैध कब्ज़ा
ग्रामसभा सिधांई स्थित अति-प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर, जो हज़ारों ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है, उसकी करोड़ों की ज़मीन पर भू-माफियाओं के संरक्षण में फर्जी पुजारी सुरेश तिवारी द्वारा अवैध पक्का निर्माण कराया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब हलका लेखपाल निष्पक्ष जांच करने के बजाए आरोपी की वकालत करने गाँव पहुँचा और ग्रामीणों पर जबरन NOC पर दस्तखत करने का दबाव बनाने लगा।
> भ्रष्ट लेखपाल की सरेआम सीनाजोरी:
> ग्रामीणों द्वारा दस्तखत करने से मना करने पर लेखपाल ने खुलेआम दबंगई दिखाते हुए फर्जी पुजारी को आश्वस्त किया— “आपका कब्जा बरकरार रहेगा, कोई कुछ नहीं उखाड़ पाएगा।” लेखपाल के इस भ्रष्ट रवैये ने स्पष्ट कर दिया कि नीचे से ऊपर तक पूरा तंत्र इस सिंडिकेट को संरक्षण दे रहा था।
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📌 २. मनरेगा में परिवारवाद और लाखों का वित्तीय गबन
सिधांई गाँव में भ्रष्टाचार की जड़ें केवल ज़मीन कब्ज़ाने तक सीमित नहीं हैं। भारत सरकार की महात्वाकांक्षी योजना मनरेगा (MGNREGA) को ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी ने मिलकर अपनी निजी संपत्ति बना लिया।
* अपने सगे-संबंधियों और चहेतों के नाम फर्जी ‘जॉब कार्ड’ जारी किए गए।
* धरातल पर बिना कोई कार्य कराए केवल कागजी ‘मस्टरोल’ तैयार कर लाखों रुपये का वित्तीय गबन किया गया।
* ग्रामीणों ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक के बजट की निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच की मांग की है।
🚨 ३. IGRS Portal पर फर्जीवाड़ा और प्रशासनिक लीपापोती की पोल खुली
एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS Portal) की शिकायत संख्या 40019426052509 और 40019426052532 की जांच के नाम पर जमकर खिलवाड़ किया गया। 2,500 से अधिक आबादी वाले गाँव में निष्पक्ष जांच के बजाय ग्राम पंचायत सेक्रेटरी ने केवल एक ही परिवार (जिलेदार तिवारी व गुड्डू तिवारी) से फर्जी सहमति पत्र बनवाकर रिपोर्ट लगा दी।
जब पूर्व जांच में ही अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी थी, तब भी तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन मिलकर एंटी भू-माफिया अभियान को ठेंगा दिखाते रहे और मामले को ठंडे बस्ते में डालते रहे।
💥 ४. शासन का महा-ऐक्शन: तहसीलदार पर गिरी गाज, अब बुलडोजर की बारी!
शाहगंज में राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही, जन-शिकायतों की लीपापोती और सिधांई गाँव के इस महाघोटाले का मामला जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया, शासन ने बिना देर किए त्वरित कार्रवाई की:
* शाहगंज तहसीलदार निलंबित: राजस्व परिषद की समीक्षा के दौरान गंभीर शिथिलता पाए जाने पर शाहगंज तहसीलदार सौरभ कुमार को निलंबित कर दिया गया। (प्रदेशभर से 5 तहसीलदारों पर निलंबन की गाज गिरी है एवं 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।)
* सिंडिकेट में खलबली: तहसीलदार पर गाज गिरते ही सिधांई के फर्जी पुजारी, दबंग भू-माफिया, लेखपाल और सेक्रेटरी के पसीने छूट रहे हैं।
* बुलडोजर एक्शन की तैयारी: ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि अब मंदिर की भूमि पर हुए अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर तत्काल ध्वस्त किया जाए, मनरेगा घोटाले की फॉरेंसिक जांच हो और भ्रष्ट लेखपाल व सेक्रेटरी को निलंबित कर विजिलेंस जांच बिठाई जाए।
> “योगी सरकार का संदेश साफ है— जन-आस्था से खिलवाड़ और सरकारी धन की डकैती करने वाले भू-माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। शाहगंज तहसीलदार का निलंबन तो बस शुरुआत है, सिधांई के चौमुखी सिंडिकेट के अवैध निर्माण पर बहुत जल्द बाबा का बुलडोजर गर्जेगा!”
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