### **शाह के बाद संगठन के 'चाणक्य' बीएल संतोष से मिले अखिलेश तिवारी; दिल्ली में मचा सियासी हड़कंप!**
## **दिल्ली में महा-मुलाकात से धमाका! अमित शाह के बाद RSS-BJP के महा-सेतु बीएल संतोष के दरबार पहुंचे अखिलेश तिवारी**


### **महा-मुलाकात से सियासी धमाका! अमित शाह के बाद RSS-BJP के ‘महा-सेतु’ बीएल संतोष के दरबार पहुंचे अखिलेश तिवारी, क्या है अंदरूनी कहानी?**
**नई दिल्ली:**देश की राजधानी के सियासी गलियारों में इस वक्त हलचल चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच की सबसे मजबूत कड़ी और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) **बीएल संतोष** से **अखिलेश तिवारी** की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि यह मुलाकात देश के गृह मंत्री **अमित शाह** से मिलने के ठीक बाद हुई है। बैक-टू-बैक हुई इन दो बड़ी मुलाकातों के बाद दिल्ली से लेकर राज्यों तक कयासों का बाजार बेहद गर्म हो चुका है।
### 💥 *अमित शाह के बाद ‘संगठन के चाणक्य’ के द्वार*
राजनीति के जानकार इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। इसके पीछे के समीकरण बेहद गहरे हैं!
* **पहले शाह, फिर संतोष:** अखिलेश तिवारी ने पहले गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर रणनीतिक चर्चा की, और उसके तुरंत बाद वे सीधे भाजपा मुख्यालय में संगठन के सबसे ताकतवर चेहरे बीएल संतोष से मिलने पहुंचे।
* **क्यों बेहद खास है यह मुलाकात?** भाजपा में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) का पद गृह मंत्री और अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक माना जाता है। बीएल संतोष सीधे आरएसएस से आते हैं और वे संघ व भाजपा के बीच समन्वय (Coordination) की मुख्य धुरी हैं।
### 🔍 *क्या है इस ‘महा-मुलाकात’ के मायने?*
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद राजनीतिक विश्लेषक कई तरह के कयास लगा रहे हैं।
* **बड़ी संगठनात्मक हलचल की आहट:** शाह और संतोष, दोनों ही भाजपा की रणनीति और संगठन के दो सबसे मजबूत स्तंभ हैं। दोनों से लगातार मिलना किसी बड़े राजनीतिक बदलाव या बड़ी जिम्मेदारी का सीधा संकेत है।
* **आरएसएस-भाजपा का मजबूत तालमेल:** बीएल संतोष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनके साथ हुई इस बैठक में संगठन की मजबूती और भविष्य के रोडमैप को लेकर कोई बेहद गुप्त और बड़ी रणनीति तैयार की गई है।
> **सियासी हलकों में अंदरूनी सूत्र:** “यह महज एक मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में दिखने वाले किसी बड़े सियासी भूचाल की पटकथा है। अमित शाह और बीएल संतोष से बैक-टू-बैक मुलाकातों के मायने बहुत जल्द सबके सामने होंगे।”
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