## **योगी का हंटर, गैंग पर वज्रपात: संजय प्रसाद-विशाल सिंह की कमान कायम, करोड़ों की महा-साजिश स्वाहा!**
## **मलाईदार सपना चकनाचूर: 'कामरान गैंग' के गाल पर ऐतिहासिक तमाचा, चक्रव्यूह पूरी तरह ध्वस्त!**




# **महा-धमाका: ‘कामरान गैंग’ की बड़ी साजिश नाकाम! संजय प्रसाद और विशाल सिंह को हटाने का चक्रव्यूह ध्वस्त*
*करोड़ों के विज्ञापन घोटाले की फिराक में बैठे साजिशकर्ताओं के गाल पर पड़ा जोरदार तमाचा**
**लखनऊ:** उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। शासन द्वारा देर रात जारी की गई आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची के बाद न सिर्फ भ्रामक खबरों और अफवाहों के बाजार पर पूरी तरह विराम लग गया है, बल्कि **’कामरान गैंग’ द्वारा रची गई एक बहुत बड़ी प्रशासनिक साजिश भी औंधे मुंह गिर गई है।**
तमाम कयासों, झूठी रिपोर्टों और प्रोपेगैंडा को दरकिनार करते हुए यह पूरी तरह साफ हो गया है कि **अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय प्रसाद और कर्मठ व ईमानदार छवि के अधिकारी आईएएस विशाल सिंह (Director, Information) उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग के बेहद महत्वपूर्ण और रसूखदार पदों पर मजबूती से बरकरार रहेंगे।**
## **काम न आया ‘कामरान गैंग’ का चक्रव्यूह, शासन सत्ता को बदनाम करने की कोशिश फेल!**
पिछले कुछ समय से ‘कामरान गैंग’ और सत्ता विरोधी कुछ तत्व लगातार सोशल मीडिया और अंदरूनी हलकों में अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद और सूचना निदेशक आईएएस विशाल सिंह को बदनाम करने और उन्हें उनके पदों से हटवाने के लिए सुनियोजित साजिश रच रहे थे।
> ### **करोड़ों के विज्ञापन घोटाले की थी बड़ी तैयारी!**
> इस शातिर गैंग का असली मकसद इन दोनों निष्पक्ष, ईमानदार और बेदाग छवि के जिम्मेदार अधिकारियों को रास्ते से हटाना था। गैंग की चाल यह थी कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भ्रम में आकर इन दोनों अफसरों को हटा देते हैं, तो इनकी जगह आने वाले नए अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ और ‘जुगाड़’ बिठाया जा सके। इस तालमेल की आड़ में **कामरान गैंग का इरादा सरकार को विज्ञापन के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगाने का था।**
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## **योगी के ‘तीसरे नेत्र’ ने खोली पोल, साजिशकर्ताओं के मंसूबों पर फिरा पानी**
कामरान गैंग इस मुगालते में था कि उसका यह प्रोपेगैंडा कामयाब हो जाएगा, लेकिन वे भूल गए कि सूबे की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हाथों में है। मुख्यमंत्री जी के **अतिरिक्त आंतरिक सूचना तंत्र (Intelligence/Secret Command)** ने समय रहते इस पूरी साजिश की सटीक जानकारी सीधे उन तक पहुँचा दी।
जैसे ही यह बात साफ हुई कि यह पूरा खेल ईमानदार अफसरों को हटाकर सरकारी खजाने पर डाका डालने के लिए रचा जा रहा है, मुख्यमंत्री जी ने इस गैंग के मंसूबों को भांपते हुए संजय प्रसाद और विशाल सिंह पर अपना अटूट भरोसा जताया और दोनों को उनके महत्वपूर्ण पदों पर बरकरार रखा। यह आदेश उन साजिशकर्ताओं के गाल पर एक ऐसा जोरदार तमाचा है, जिसकी गूंज से पूरा ‘कामरान गैंग’ सन्न रह गया है।
## **आखिर क्या है आधिकारिक आदेश का सच?**
प्रशासनिक आदेश को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश करने वाले अफवाहबाजों को तगड़ा झटका लगा है। असलियत बेहद साफ और पारदर्शी है:
* **संजय प्रसाद और विशाल सिंह की कमान बरकरार:** दोनों शीर्ष अधिकारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कमान पहले की तरह ही पूरी ताकत से संभाले रहेंगे।
* **संस्कृति विभाग के प्रभार से मुक्ति:** आईएएस विशाल सिंह के पास सूचना विभाग के साथ-साथ संस्कृति विभाग की भी बेहद व्यस्त जिम्मेदारियां थीं। शासन ने उनके कार्यभार को री-स्ट्रक्चर करते हुए उन्हें **विशेष सचिव, संस्कृति विभाग** और **निदेशक, संस्कृति** के अतिरिक्त प्रभार से अवमुक्त किया है ताकि वह पूरी ऊर्जा सूचना विभाग को दे सकें।
* **नया प्रशासनिक बदलाव:** विशाल सिंह को संस्कृति विभाग से मुक्त करने के बाद अब यह अतिरिक्त जिम्मेदारी **श्री संजय कुमार सिंह-1** को सौंपी गई है, जिन्हें अब **निदेशक, संस्कृति, उत्तर प्रदेश** का अतिरिक्त प्रभार प्रदान किया गया है।
## **कामरान गैंग में पसरा मातम, भ्रामक खबरों का हुआ ‘द एंड’**
देर रात जारी इस लिस्ट ने उन सभी पोर्टलों, लिफ़ाफ़ाबाज़ों और गैंगस्टर्स की बोलती बंद कर दी है जो सुबह से दोनों अफसरों के जाने की झूठी खबरें फैलाकर जश्न मनाने की तैयारी कर रहे थे। विज्ञापन के नाम पर मलाई काटने का सपना देखने वाले ‘कामरान गैंग’ में अब गहरे अवसाद और मायूसी का माहौल व्याप्त है।
सरकार के इस कड़े और स्पष्ट रुख ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोई भी ब्लैकमेलिंग या साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
**’कामरान गैंग’ का ‘करोड़पति बनने का चक्रव्यूह’ पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, और संजय प्रसाद व आईएएस विशाल सिंह पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर सूचना विभाग में डटे हुए है।**