उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित का स्थापना दिवस:व्हीलचेयर पर पहुंचे 93 वर्षीय पी.वी. वर्मा, भावुक माहौल के बीच दीपावली से पहले पत्रकार पेंशन की उठी मांग
'पेंशन नहीं तो अनशन': लखनऊ में सम्मानित हुए 80 पार के पत्रकार, प्रभात त्रिपाठी का आर-पार का ऐलान
वरिष्ठ पत्रकारों के सम्मान के साथ पेंशन की मांग को प्रभात त्रिपाठी ने दी आवाज
गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान से सम्मानित हुए 80 पार के योद्धा; दीपावली से पहले पेंशन न मिलने पर आमरण अनशन का ऐलान
लखनऊ। पत्रकारिता के पुरोधाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की हुंकार के साथ उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) का द्वितीय स्थापना दिवस समारोह राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित विश्वेश्वरैया हॉल में भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ। ‘गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान’ से आच्छादित इस शाम ने जहाँ एक ओर लोकतंत्र के वरिष्ठ प्रहरियों के योगदान को नमन किया, वहीं दूसरी ओर उनके सुरक्षित भविष्य और पेंशन के लिए एक ऐतिहासिक संघर्ष की नींव रखी।
वरिष्ठ रंगकर्मी पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी ने किया सम्मानित
समारोह के मुख्य अतिथि, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ रंगकर्मी एवं पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 80 वर्ष की आयु सीमा पार कर चुके राज्य के अति-वरिष्ठ पत्रकारों को मंच पर सम्मानित करते हुए डॉ. रस्तोगी ने कहा, “पत्रकार समाज और लोकतंत्र के वास्तविक सजग प्रहरी हैं। जिन पत्रकारों ने बिना किसी स्वार्थ के अपना पूरा जीवन देश, समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में समर्पित कर दिया, उन्हें यह सम्मान देना पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है।”
पत्रकार पेंशन के लिए आर-पार की लड़ाई: प्रभात त्रिपाठी की हुंकार
कार्यक्रम के संयोजक एवं समिति के वरिष्ठ नेता प्रभात कुमार त्रिपाठी ने समारोह में वरिष्ठ पत्रकारों की आर्थिक सुरक्षा और पेंशन के मुद्दे को पूरी मुखरता से उठाया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि जीवन के संध्या काल में आर्थिक तंगी से जूझना किसी भी सम्मानित पत्रकार के लिए पीड़ादायक है।
सरकार को चेतावनी देते हुए प्रभात त्रिपाठी ने कड़े और स्पष्ट शब्दों में घोषणा की—
> “जिन पत्रकारों ने अपनी पूरी जवानी लोकतंत्र को मजबूत करने में खपा दी, आज वृद्धावस्था में सरकार का फर्ज है कि वह उनके साथ खड़ी हो। यदि उत्तर प्रदेश सरकार दीपावली से पहले वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना की घोषणा नहीं करती है, तो मैं स्वयं पत्रकारों के हक के लिए आमरण अनशन पर बैठूँगा।”
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उनकी इस बेबाक घोषणा के बाद पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित सैकड़ों पत्रकारों ने इस संघर्ष में उनका पूर्ण समर्थन किया।
जब व्हीलचेयर पर पहुंचे 93 वर्षीय पी.वी. वर्मा तो संयोजक प्रभात त्रिपाठी के साथ भावुक हुआ पूरा हॉल
समारोह का सबसे भावुक क्षण वह था जब 93 वर्ष के वयोवृद्ध पत्रकार पी.वी. वर्मा व्हीलचेयर पर बैठकर सम्मान ग्रहण करने मंच के समीप पहुंचे। उम्र के अंतिम पड़ाव पर भी पत्रकारिता के प्रति उनका जज्बा देख संयोजक प्रभात कुमार त्रिपाठी अपने आँसू रोक न सके और भावुक हो गए।
80 वर्ष से अधिक आयु के इन जीवित किंवदंतियों को संघर्षरत अवस्था में देखकर एक पल के लिए पूरा माहौल अत्यंत संवेदनशील और भावुक हो गया।अयोध्या से आई हुई टीम प्रकृति जी के नेतृत्व में माहौल को राममय बना दिया, लोकगीत में श्रीराम चंद्र जी और हनुमान जी का भजन प्रस्तुत किया गया।
इन विभूतियों को मिला गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान
समारोह में पत्रकारिता के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाली निम्नलिखित हस्तियों को सम्मानित किया गया:
* पी.वी. वर्मा (93 वर्ष)
* श्याम कुमार
* अजय कुमार
* भगवंत प्रकाश पांडेय
* जगदीश नारायण राय
नोट: अस्वस्थता के कारण वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र समारोह में भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उनका सम्मान उनके सुपुत्र अशोक मिश्र ने ससम्मान ग्रहण किया।
पत्रकार बिरादरी का जुटा विशाल हुजूम
समारोह में समिति के अध्यक्ष विक्रम राव, महासचिव ज्ञानेश पाठक तथा प्रवक्ता लक्ष्मीकांत तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का अत्यंत प्रभावी और जीवंत संचालन संयुक्त रूप से अध्यक्ष विक्रम राव और प्रवक्ता लक्ष्मीकांत तिवारी ने किया।
इस अवसर पर प्रदेशभर से आए सैकड़ों पत्रकारों, संपादकों और बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश पूरी प्रखरता से उभरा कि उत्तर प्रदेश का पत्रकार समाज अब अपने वरिष्ठ सहयोगियों के मान-सम्मान और पेंशन के अधिकार को लेकर किसी भी स्तर के आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार है।