**अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद व पुलिस महानिदेशक का 'वज्रप्रहार': पूर्वांचल के 56 खूंखार गैंग्स का समूल नाश, सोशल मीडियाियाई गुंडाराज पूरी तरह ध्वस्त!**
**ACS गृह संजय प्रसाद के चक्रव्यूह में फंसे 423 अपराधी; जौनपुर-वाराणसी में यूपी पुलिस का महा-धमाका, कांपे माफिया!**





# **अपराधियों के काल बने अपर मुख्य सचिव(गृह)संजय प्रसाद: ‘ऑपरेशन वज्रपात’ से यूपी में कानून व्यवस्था का नया इतिहास दर्ज!**
*कृष्णानन्द शर्मा”शिवराम”*
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को देश का सर्वोत्तम मॉडल बनाने वाले **अपर मुख्य सचिव गृह (ACS Home) श्री संजय प्रसाद** के कड़े रुख और अचूक रणनीति ने पूर्वांचल के अपराधियों को घुटनों पर ला दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो टॉलरेंस’ विजन को अमलीजामा पहनाते हुए संजय प्रसाद के सीधे निर्देशन में वाराणसी परिक्षेत्र के भीतर चलाया गया 5 दिवसीय विशेष अभियान **’ऑपरेशन वज्रपात’ (01.06.2026 से 05.06.2026)** कानून व्यवस्था के इतिहास में एक ‘विस्फोटक’ और निर्णायक कार्रवाई साबित हुआ है।
अपर मुख्य सचिव (गृह) द्वारा अपराधियों और सोशल मीडिया पर आतंक का तंत्र चलाने वालों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत दिए गए सख्त आदेशों का ही नतीजा है कि पुलिस महकमे ने महज 5 दिनों के भीतर माफियाओं के समूल साम्राज्य को हिलाकर रख दिया।
### **संजय प्रसाद के चाणक्य नीति से ध्वस्त हुआ सोशल मीडियाियाई गुंडाराज**
दस्तावेजों के अनुसार, वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) श्री वैभव कृष्ण द्वारा जारी सख्त दिशा-निर्देशों के तहत पुलिस ने ऐसे शातिर गिरोहों को रडार पर लिया, जो न सिर्फ आम जनता से रंगदारी वसूलते और मारपीट करते थे, बल्कि फेसबुक लाइव (Facebook Live) और इंस्टाग्राम रील्स (Instagram Reels) के जरिए हथियारों और अपराध का भौकाल दिखाकर समाज में दहशत फैलाते थे। एसीएस गृह संजय प्रसाद की पैनी नजर के बाद पुलिस ने डिजिटल से लेकर जमीन तक इन अपराधियों की कमर तोड़ दी।
### **जौनपुर में महा-सफाई: 56 दुर्दांत गैंग्स की लिस्ट तैयार, 423 अपराधी नेस्तनाबूद!**
अपर मुख्य सचिव गृह के मास्टर प्लान का सबसे बड़ा धमाका जनपद जौनपुर में देखने को मिला, जहां पुलिसिया कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है:
* **ध्वस्त किए गए गैंग की कुल संख्या:** 56
* **राडार पर आए गैंग लीडर व सदस्य:** 423
* **पंजीकृत अभियोगों (FIR) की संख्या:** 10 (गंभीर और गैर-जमानती धाराएं)
* **सलाखों के पीछे पहुंचे मुख्य सरगना:** 08 बड़े अपराधी गिरफ्तार, अन्य की धरपकड़ जारी।
### **बड़े-बड़े गैंग्स का घमंड चूर, ‘वज्रपात’ के आगे सब हुए ढेर**
दस्तावेजों में शामिल आधिकारिक सूची के अनुसार, इलाके में खौफ का पर्याय बन चुके मोहम्मद जलाल गैंग, दरोगा बिन्द गैंग, महाकाल गैंग (राजनिबंद), सूर्या राजपूत गैंग, राऊडी 001 गैंग, चाकू गैंग अमरथुआ, गैंग ऑफ पटैला, और ‘बदलापुर मारपीट वीडियो वायरल गैंग’ जैसे 56 छोटे-बड़े गैंग्स को कानून के शिकंजे में कस दिया गया है। अपराधियों के इस सिंडिकेट को नेस्तनाबूद कर पुलिस ने जनता के बीच सुरक्षा का अटूट विश्वास पैदा किया है।
### **कड़े कानूनों का हंटर: नए BNS और गैंगस्टर एक्ट में सीधे जेल**
अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय प्रसाद के स्पष्ट आदेश थे कि अपराधियों पर ऐसी कानूनी कार्रवाई हो जो एक नजीर बने। इसी के तहत जारी प्रपत्र ** गवाही दे रहा है कि अपराधियों पर बेहद सख्त कानूनी चाबुक चला है:
1. नए कानून भारतीय न्याय संहिता (**BNS**) की धारा 115(2), 191(2), 352, 351(3), और 324(4) के तहत ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज किए गए।
2. अपराधियों की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ तोड़ने के लिए थाना मीरगंज में **UP Gangster Act (उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट)** के तहत मुकदमा (मु.अ.सं. 93/2026) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की गई।
3. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए गंभीर मामलों में **POCSO Act** की धारा 3/4 भी लगाई गई है।
### **प्रशासनिक नेतृत्व की बड़ी जीत: बैकफुट पर आए अपराधी**
यूपी के गृह विभाग की कमान संभाल रहे **अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद** की कुशल प्रशासनिक क्षमता और समय-समय पर की जाने वाली समीक्षा बैठकों का ही परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस इतनी मुस्तैदी और आक्रामकता से अपराधियों पर टूट पड़ रही है। ‘ऑपरेशन वज्रपात’ की यह विस्फोटक सफलता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ और सिर्फ ‘कानून का राज’ चलेगा और जनता को डराने वाले खुद खौफ के साए में जिएंगे।
