E-Paperhttps://navbharatdarpan.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedक्राइमखेलछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियादेशधर्मपंजाबबिहारबॉलीवुडमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रयुवायूपीराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़
Trending

## **उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित के संयोजक प्रभात त्रिपाठी का 'सिंहनाद': यूपी संवाददाता समिति पुनर्गठित से बर्खास्त अध्यक्ष आउट, कई पत्रकारों पर गिरेगी गाज!**

निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग आईएएस विशाल सिंह से कड़ी कार्यवाही व मीडिया सेन्टर बंद करने की मांग

विशाल सिंह आई०ए०एस०निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश व सचिवालय के मीडिया सेन्टर में चुपके से ली गई कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह की तस्वीर जिसपर कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह जी ने कड़ी आपत्ति जताई है और कार्यवाही की मांग की है


## **लखनऊ से बड़ी खबर: यूपी संवाददाता समिति पुनर्गठित को हड़पने की साजिश नाकाम, संयोजक प्रभात त्रिपाठी का चला हंटर*

**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश की पत्रकारिता और सत्ता के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और विस्फोटक खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित को कुछ अराजक और स्वार्थी तत्वों द्वारा बंधक बनाने और हड़पने की एक गहरी और सोची-समझी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। लेकिन, समिति के ‘सर्वेसर्वा’ और संयोजक **प्रभात त्रिपाठी** ने समय रहते एक ऐसा तगड़ा और निर्णायक प्रहार किया है, जिससे संगठन विरोधी ताकतों के मंसूबे पूरी तरह नेस्तनाबूद हो गए हैं।
चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब कई तथाकथित पत्रकारों की मान्यता भी सीधे जांच के घेरे में आ गई है, जिससे पूरी राजधानी के मीडिया जगत में हड़कंप मच गया है।

### **भव्य ‘पत्रकार महाकुंभ’ के बाद शुरू हुआ षड्यंत्र का खेल**

यह वही उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित है, जिसके संयोजक प्रभात त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में न केवल लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव संपन्न हुआ था, बल्कि एक बाकायदा और भव्य शपथ ग्रहण समारोह का भी आयोजन किया गया था। इसी के साथ, देश और प्रदेश के पत्रकारों के मान-सम्मान को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रभात त्रिपाठी के नेतृत्व में एक **’पत्रकार महाकुंभ’** का ऐतिहासिक और भव्य आयोजन किया गया था।
इस ऐतिहासिक आयोजन के गवाह खुद सूबे के **उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और सूचना निदेशक** सहित शासन-प्रशासन के तमाम आला अधिकारी अतिथि बने थे। हर तरफ प्रभात त्रिपाठी के नेतृत्व की सराहना हो रही थी। लेकिन, इसी बीच कुछ पदलोलुप और स्वार्थी तत्वों को संगठन की यह बढ़ती लोकप्रियता हजम नहीं हुई। बदलते घटनाक्रम में पर्दे के पीछे से समिति को अस्त-व्यस्त करने और उस पर अवैध कब्जा करने की एक घिनौनी साजिश रची जाने लगी।

### **संयोजक के विशेषाधिकार का चला हंटर: अध्यक्ष बर्खास्त, प्रवक्ता निलंबित, उपाध्यक्ष ने भी थमाया नोटिस**

जैसे ही समिति को तोड़ने और इसकी साख को बट्टा लगाने की भनक संयोजक प्रभात त्रिपाठी को लगी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए संगठन विरोधी ताकतों को धूल चटा दी।

* **तत्कालीन अध्यक्ष बर्खास्त:** संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन अध्यक्ष शेखर पंडित को तत्काल प्रभाव से उनके पद से बर्खास्त कर दिया।

* **प्रवक्ता निलंबित:** इसके साथ ही, समिति के प्रवक्ता अनिल तिवारी को भी उनके पद से निलंबित करते हुए उनसे इस अनुशासनहीनता पर स्पष्टीकरण (जवाब) मांगा गया है।

* **उपाध्यक्ष का कड़ा रुख:** संगठन में चल रही इस बड़ी कार्रवाई के बीच, उपाध्यक्ष के०के०कृष्णा(कृष्ण कुमार सिंह कृष्णा)सिंह ने भी अपने अधिकारों का पूरी तरह से प्रयोग किया है। उन्होंने तत्कालीन बर्खास्त अध्यक्ष शेखर पंडित को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर सख्त लहजे में जवाब-तलब किया है।

> **बाईलाज में सुरक्षित है ‘सर्वेसर्वा’ प्रभात त्रिपाठी का एकाधिकार:**

> समिति के रजिस्ट्रेशन के समय जो बाईलाज, संविधान और नियम व शर्तें तय की गई थीं, उसके मुताबिक संयोजक प्रभात त्रिपाठी को यह पूर्ण और स्वतंत्र रूप से अधिकार (सर्वोच्च अधिकार) प्राप्त है कि वह समिति विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी पदाधिकारी या सदस्य को सीधे बर्खास्त या निलंबित कर सकते हैं। नियमानुसार और संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए संयोजक ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है।
>

### **देश और संप्रदाय विरोधी ताकतों से मिलाया हाथ; अब जाएगी पत्रकारों की मान्यता!**

सूत्रों से मिली बेहद चौंकाने वाली और विस्फोटक जानकारी के अनुसार, संगठन को हथियाने की अंधी दौड़ में शामिल इन बर्खास्त और निलंबित तत्कालीन पदाधिकारियों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए कुछ ऐसे लोगों का साथ लेना शुरू कर दिया, जो **देश और संप्रदाय विरोधी गतिविधियों** में लिप्त पाए गए हैं। राष्ट्र विरोधी और समाज को बांटने वाले तत्वों के साथ इन पदाधिकारियों की सांठगांठ से नाराज होकर समिति के सर्वेसर्वा प्रभात त्रिपाठी ने और भी कई चेहरों को पहचान कर उन्हें संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
इस पूरे षड्यंत्र के बेनकाब होने के बाद, अब शासन और प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। बताया जा रहा है कि इस साजिश में शामिल कई लोगों की **पत्रकार मान्यता (Press Accreditation) भी सीधे जांच के घेरे में आ गई है** और जल्द ही इस पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

## **लोकभवन प्रेस रूम या ‘साजिश का अड्डा’? डायरेक्टर और अपर मुख्य सचिव लें कड़ा एक्शन!**

इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज और गंभीर मोड़ **’लोकभवन प्रेस रूम’** को लेकर आया है। सूत्रों और आंतरिक कड़ियों से मिली जानकारी के मुताबिक, लोकभवन प्रेस रूम का इस्तेमाल कुछ लोग अपनी पत्रकारिता के लिए कम और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार व षड्यंत्र रचने के लिए ज्यादा कर रहे हैं।

### **’लोग ऑन’ (लोकभवन) वाले ध्यान दें: हरकतों की फोटो आई, तो रद्द होगी मान्यता!**

लोकभवन प्रेस रूम में रोज आकर बैठने वाले और वहां बैठकर गुटबाजी व राजनीति करने वाले पत्रकारों को अब सावधान हो जाने की जरूरत है। अब ऐसे तत्वों को पूरी तरह से चिन्हित (हाईलाइट) किया जा रहा है।

* **सोशल मीडिया पर नजर:** लोकभवन में बैठकर राजनीति करने वाले जिन भी पत्रकारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साजिश रचते हुए या गुटबाजी करते हुए दिखाई देंगी, उनकी मान्यता को सीधे निरस्त (रद्द) करने की तैयारी कर ली गई है।

* **डायरेक्टर साहब का बड़ा प्रण:** सूचना निदेशक (डायरेक्टर साहब) ने यह सख्त रुख अपनाया है और बकायदा प्रण लिया है कि मीडिया सेंटर या प्रेस रूम केवल पत्रकारों के बैठने और समाचार संकलन के लिए है, न कि सोशल मीडिया पर षड्यंत्र और साजिश रचने के लिए। जो भी इसकी मर्यादा तोड़ेगा, उसकी मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाएगी।

### **कामरान और प्रदीप उपाध्याय की ‘परफेक्ट मीडिया’ का कुचक्र भी बेनकाब**

इस पूरे मामले में कामरान और प्रदीप उपाध्याय की तथाकथित ‘परफेक्ट मीडिया’ की भूमिका भी गंभीर सवालों के घेरे में है। ये लोग जो कुछ समय के लिए शांत बैठ गए थे, वे एक बार फिर से पर्दे के पीछे से कुचक्र रचने और समिति को अस्थिर करने की कोशिशों में जुट गए हैं। यही कारण है कि अब यह मांग पुरजोर तरीके से उठने लगी है कि **अगर लोकभवन प्रेस रूम में इस तरह की सोशल मीडियाई और असामाजिक गतिविधियां रोज-रोज हो रही हैं, तो मुख्य लोकभवन प्रेस रूम को ही तुरंत बंद किया जाना चाहिए**, ताकि इस तरह की साजिशों पर हमेशा के लिए लगाम लगाई जा सके।

*उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित के कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह ने जताई आपत्ति दी कड़ी चेतावनी*

उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित के कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लखनऊ के कुछ पत्रकार फर्जी तरीके से चुप चाप तस्वीरों को वायरल करने की आदत सी पड़ गयी है , लखनऊ में लोक भवन के मीडिया सेंटर में बैठ कर यही कृत रोज हो रहा है।
आज यही घटना मेरे साथ भी हुआ, मै अपने कार्यालय के कार्य के लिये लोक भवन गया वहाँ कुछ पत्रकारों ने चोरी छुपे दूर से फोटो खींच कर वायरल कर रहे है और फर्जी अफ़वाह उड़ा रहे है समिति (पुनर्गठित) को लेकर,
मै स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित, का कोषाध्यक्ष हूं और रहूंगा ।
फर्जी अफ़वाह उड़ाने वालों से सावधान रहे और अफवाहों पर ध्यान न देवे,

मै शासन में बैठे उच्च अधिकारियों से भी निवेदन करना चाहता हूं कि इन्हीं कारणों से लगातार मांग की जा रही है कि लोक भवन का मीडिया सेंटर को बंद कर दिया जाए । जिससे इस तरह की फर्जी कृत न हो सके । ऐसा कल को किसी के साथ हो सकता है ।

लोक भवन जैसे प्रतिष्ठित शासकीय भवन के मीडिया सेंटर में बैठ कर कुछ पत्रकार ऐसे ही फर्जी कार्य कर रहे है ।
कृपय सावधान, सतर्क रहे और ऐसे पत्रकारों पर भी अंकुश लगाना चाहिए।

### **आगे क्या? प्रभात त्रिपाठी के फैसले पर टिकीं सबकी नजरें**

उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित के इस पूरे प्रकरण के बाद अब गेंद पूरी तरह से संयोजक प्रभात त्रिपाठी के पाले में है। चूंकि प्रभात त्रिपाठी के पास समिति में कुछ भी करने, कोई भी सुधारात्मक कदम उठाने और कोई भी बड़ा निर्णय लेने का स्वतंत्र और सर्वाधिकार सुरक्षित है, इसलिए अब मीडिया जगत में कयास लगाए जा रहे हैं कि

**क्या समिति का नया कार्यवाहक अध्यक्ष चुना जाएगा?** क्या संयोजक प्रभात त्रिपाठी इस पूरी पुरानी कार्यकारिणी और समिति एक साफ-सुथरी छवि वाले नए कार्यवाहक अध्यक्ष की घोषणा करेंगे?

वज्रपात जैसी इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के नाम पर राजनीति करने वाले और देश विरोधी तत्वों के साथ गलबहियां करने वाले तथाकथित चेहरों की अब दाल गलने वाली नहीं है। संयोजक प्रभात त्रिपाठी के इस सिंहनाद से यह स्पष्ट है कि समिति सिर्फ और सिर्फ ईमानदार, राष्ट्रभक्त और सच्चे पत्रकारों के हित में काम करेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में सूचना निदेशक (डायरेक्टर) और अपर मुख्य सचिव इस लोकभवन प्रेस रूम के सिंडिकेट और साजिशकर्ताओं पर कितनी जल्दी और कितनी कठोर दंडात्मक कार्रवाई करते हैं!

NAV BHARAT DARPAN

कृष्णानन्द शर्मा "शिवराम" 2007 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं, दैनिक जागरण,अमर उजाला, युनाइटेड भारत, स्वतंत्र भारत, सन्मार्ग जैसे हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में अपनी लेखनी के जरिए उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, समसामयिक मुद्दों पर प्रकाश डालते रहे, वर्तमान में नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क में प्रधान सम्पादक पद पर कार्यरत हैं, फिल्म सिटी नोएडा से नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क का संचालन करते हैं, जिसमें हिन्दी दैनिक समाचार पत्र, न्यूज पोर्टल, वेबसाइट,व यूट्यूब न्यूज चैनल,ओ०टी०टी०, आईपी०टीवी व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहें हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!