E-Paperhttps://navbharatdarpan.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedक्राइमखेलछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियादेशधर्मपंजाबबिहारबॉलीवुडमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रयुवायूपीराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़
Trending

**अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद के खिलाफ साज़िश: महाफ्लॉप हुआ 'एजेंडा गैंग'!**

**योगी टीम' पर वार, विरोधियों का 'टूलकिट' प्लान बेकार!**

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व साथ में अपर मुख्य सचिव गृह व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व साथ में अपर मुख्य सचिव गृह व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश

## **योगी मॉडल को डिरेल करने की बड़ी साजिश नाकाम: अपराधियों पर नकेल कसने वाले संजय प्रसाद के खिलाफ दुष्प्रचार का ‘फ्लॉप शो’**

*कृष्णानन्द शर्मा”शिवराम”*

**लखनऊ।उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में भी ‘योगी मॉडल’ और कानून-व्यवस्था की धमक गूंज रही है। इस मॉडल की सफलता के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चुनिंदा और बेहद काबिल अधिकारियों की टीम है। इसी टीम के सबसे मजबूत स्तंभ हैं अपर मुख्य सचिव (गृह, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग) **संजय प्रसाद**। अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाने वाले इस शीर्ष अधिकारी की कमान में यूपी ने कानून-व्यवस्था के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। लेकिन चुनावी वर्ष में इस बेदाग छवि को धूमिल करने के लिए विरोधी दलों, कुछ तथाकथित मीडिया घरानों और सोशल मीडिया के एक धड़े ने सुनियोजित साजिश रचना शुरू कर दिया है, जो अब पूरी तरह बेनकाब होने की कगार पर है।

### **हाईकोर्ट की टिप्पणी का सहारा लेकर सरकार को बदनाम करने का प्रपंच**
हाल ही में माननीय उच्च न्यायालय की एक सामान्य टिप्पणी को ढाल बनाकर कुछ अवसरवादी तत्वों और मीडियाकर्मियों ने संजय प्रसाद जी पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने का असफल प्रयास किया। वास्तविकता यह है कि भारतीय लोकतंत्र में न्यायालय पूरी तरह स्वतंत्र है और वह किसी भी गंभीर मुद्दे पर टिप्पणी या समीक्षा कर सकता है।
लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या न्यायालय की टिप्पणियों की आड़ लेकर अपराधियों को प्रदेश में खुली छूट दी जा सकती है? कानून-व्यवस्था को अक्षुण्ण रखना राज्य सरकार की सबसे पहली और अहम जिम्मेदारी होती है, जिसे संजय प्रसाद ने पूरी मुस्तैदी और निडरता के साथ निभाया है।

### **क्यों निशाने पर हैं अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद?**
सूत्रों की मानें तो अपराधियों, माफियाओं और उनके राजनीतिक आकाओं के नेटवर्क पर जो करारी चोट की गई है, उसी की बौखलाहट अब इस ‘टूलकिट’ के रूप में सामने आ रही है। संजय प्रसाद जैसे अधिकारी पूरी समर्पण भावना के साथ राज्य हित में काम कर रहे हैं। यही वजह है कि सरकार विरोधी एजेंडा चलाने वाले लोग प्रशासनिक अमले का मनोबल तोड़ने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
> **बड़ा सवाल:** जो लोग कानून का राज स्थापित करने वाले अधिकारियों को घेर रहे हैं, क्या वे परोक्ष रूप से अपराध और अपराधियों का महिमामंडन नहीं कर रहे हैं?
>
### **साजिशें होंगी नाकाम, जल्द बेनकाब होंगे चेहरे**
चुनावी माहौल का फायदा उठाकर राज्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने का यह दुष्प्रचार अधिक दिनों तक टिकने वाला नहीं है। उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि ‘योगी मॉडल’ के तहत किस तरह आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। संजय प्रसाद के खिलाफ चलाई जा रही ये तमाम साजिशें न सिर्फ विफल साबित होंगी, बल्कि बहुत जल्द इस सुनियोजित दुष्प्रचार के पीछे छिपे चेहरे भी पूरी तरह बेनकाब होने वाले हैं।

NAV BHARAT DARPAN

कृष्णानन्द शर्मा "शिवराम" 2007 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं, दैनिक जागरण,अमर उजाला, युनाइटेड भारत, स्वतंत्र भारत, सन्मार्ग जैसे हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में अपनी लेखनी के जरिए उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, समसामयिक मुद्दों पर प्रकाश डालते रहे, वर्तमान में नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क में प्रधान सम्पादक पद पर कार्यरत हैं, फिल्म सिटी नोएडा से नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क का संचालन करते हैं, जिसमें हिन्दी दैनिक समाचार पत्र, न्यूज पोर्टल, वेबसाइट,व यूट्यूब न्यूज चैनल,ओ०टी०टी०, आईपी०टीवी व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहें हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!