# **अयोध्या मार्ग पर 'चालान आतंक': ओवरस्पीडिंग का फर्जी खेल और हॉर्न के नाम पर दस हजार का 'डाका'!**
# **रौनाही टोल प्लाजा पर ट्रैफिक पुलिस का 'चालान गैंग': जबरन हॉर्न बजवाकर दस हजार की वसूली, जनता में भारी उबाल!**

## **रौनाही टोल प्लाजा पर ट्रैफिक पुलिस का तांडव! जबरन हॉर्न बजवाकर काट रहे 10,000 के चालान, जनता त्रस्त**
**अयोध्या-फैजाबाद:** रौनाही टोल प्लाजा पर पिछले एक हफ्ते से ट्रैफिक पुलिस (TI) का कथित आतंक चरम पर है. वाहन चालकों का आरोप है कि यहां पर ट्रैफिक कर्मी जबरन गाड़ियों को रुकवाते हैं और चालकों को हॉर्न बजाने के लिए मजबूर करते हैं. यदि गाड़ी में सामान्य हॉर्न भी लगा हो, तो उसे ‘प्रेशर हॉर्न’ या प्रतिबंधित पिपिहरी बताकर सीधे **₹10,000** का मोटा चालान थमा दिया जा रहा है.
पीड़ित वाहन चालकों ने गुस्से में सवाल उठाया है:
> “बिना हॉर्न के सड़क पर गाड़ी कैसे चलेगी? क्या सरकार ने इन ट्रैफिक वालों को जनता की सुरक्षा के लिए लगाया है या सिर्फ अवैध वसूली और कमाई करने के लिए?”
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### **ओवरस्पीडिंग के नाम पर भी खेल**
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बाराबंकी, फैजाबाद/अयोध्या में सिर्फ हॉर्न ही नहीं, बल्कि ओवरस्पीडिंग के नाम पर भी चालकों को प्रताड़ित किया जा रहा है. सुबह के वक्त **73 किमी/घंटा** की सामान्य रफ्तार से आ रही एक बस का **₹4,000** का चालान सिर्फ इसलिए काट दिया गया क्योंकि वह कथित व फर्जी तौर पर ओवरस्पीड थी।
### **बात करने को तैयार नहीं अधिकारी**
चालकों और कंडक्टरों का आरोप है कि जब वे इस तानाशाही के खिलाफ बात करने की कोशिश करते हैं, तो ट्रैफिक कर्मी और अधिकारी सीधे मुंह बात करने को भी तैयार नहीं होते, बाराबंकी व रौनाही टोल प्लाजा पर इस समय चालकों के बीच भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से इस मनमानी और जबरन वसूली पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
