**अपराध के साए में 'देव स्थान': दबंगों का कब्जा, बदबू से बिलबिलाए ग्रामीण एसडीएम की शरण में**
**रेप-लूट के आरोपियों का खौफ: शाहगंज में सरकारी मंदिर की जमीन पर मवेशी बांध फैलाया कब्जा**


# **सरकारी ‘देव स्थान’ पर दबंगों का कब्जा, बदबू से परेशान ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार**
### **संगम तिवारी रेप के मामले में तो अंबेश कई जनपदों में लूट-छिनैती के मामले में जौनपुर जेल में है बंद**
**शाहगंज (जौनपुर) | नवभारत दर्पण ब्यूरो**
तहसील शाहगंज अंतर्गत मौजा सिधाई में सरकारी रिकॉर्ड दर्ज ‘देव स्थान’ की भूमि पर अवैध कब्जे और मनबढ़ई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम सभा के गाटा संख्या 414 में स्थित पवित्र देव स्थान एवं मंदिर की जमीन पर गाँव के ही कुछ असरदार व दबंग किस्म के लोगों द्वारा टीन शेड डालकर, नाली बनाकर और मवेशी बाँधकर पक्का अतिक्रमण कर लिया गया है। इस अवैध कब्जे के कारण फैल रही गंदगी और बदबू से श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है।
### **आपराधिक इतिहास के साए में कब्जा!**
ग्रामीणों का आरोप है कि कब्जा करने वाले परिवार का क्षेत्र में खासा खौफ है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, नामजद आरोपी सूरज तिवारी का सगा भाई **संगम तिवारी** बलात्कार (Rape) जैसे घिनौने अपराध में जेल जा चुका है। वहीं दूसरा भाई **अंबेश तिवारी (उर्फ पवन कुमार, उर्फ राज)** एक पेशेवर अपराधी है, जिसके उपर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मुकदमे दर्ज हैं जिसको स्थानीय थाने को विधिवत जानकारी है,वर्तमान में जौनपुर जिला कारागार में निरुद्ध है। अंबेश के खिलाफ विभिन्न जनपदों में लूट, चोरी और छिनैती के कई संगीन मामले पंजीकृत हैं। आरोप है कि इसी आपराधिक पृष्ठभूमि और खौफ की आड़ में सार्वजनिक व धार्मिक संपत्ति को निशाना बनाया जा रहा है।
### **एसडीएम से निष्पक्ष कार्रवाई व बेदखली की मांग**
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ग्रामीणों—**जिलेदार तिवारी**, **विवेकानंद तिवारी** तथा **नागेंद्र तिवारी** ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शाहगंज को शिकायती पत्र सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ितों ने मांग की है कि:
* राजस्व टीम और थाना प्रभारी शाहगंज को तुरंत मौके पर भेजकर निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए।
* पवित्र देव स्थान व मंदिर परिसर को अवैध कब्जे से तत्काल मुक्त कराया जाए।
* सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने वाले मनबढ़ों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए।
> **प्रशासनिक रुख पर टिकीं निगाहें**
> पवित्र देव स्थान पर इस तरह के अवैध निर्माण और गंदगी फैलाए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अब देखना यह होगा कि शाहगंज तहसील व पुलिस प्रशासन इस आपराधिक पृष्ठभूमि वाले परिवार के खिलाफ क्या रुख अपनाता है और धार्मिक स्थल को कब तक न्याय मिल पाता है।
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