**अयोध्या रामभक्तों के दान में हेराफेरी का आरोप; वरिष्ठ अधिवक्ता ने की CAG ऑडिट की मांग**
**राम मंदिर दान में घोटाले की आशंका! CBI जांच और PM को अध्यक्ष बनाने की मांग**





# **अयोध्या राम मंदिर दान में भारी हेराफेरी का आरोप; वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मुरलीधर सिंह शास्त्री ने की PM को अध्यक्ष बनाने और CBI-CAG जांच की मांग**
**लखनऊ, 10 जून 2026**
**विशेष संवाददाता**
अयोध्या में भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए करोड़ों रुपये के दान को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व अधिकारी तथा माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मुरलीधर सिंह शास्त्री ने राम मंदिर के दान में भारी हेराफेरी और घोटाले की आशंका जताते हुए सीधे प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। 10 जून को उच्च न्यायालय परिसर से जारी एक विशेष अनुरोध पत्र में उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने और मंदिर के खातों का सीएजी (CAG) से ऑडिट कराने की विस्फोटक मांग उठाई है।
### **सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर प्रधानमंत्री खुद संभालें कमान**
अधिवक्ता डॉ. मुरलीधर सिंह शास्त्री ने अपने पत्र में माननीय प्रधानमंत्री से विशेष अनुरोध किया है कि वे स्वयं ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास’ के अध्यक्ष का पद संभालें। उन्होंने तर्क दिया कि जिस प्रकार देश के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर न्यास के महत्वपूर्ण पदों पर देश के शीर्ष नेतृत्व और प्रधानमंत्री आसीन रहे हैं, ठीक उसी तरह राष्ट्रीय अस्मिता और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र अयोध्या राम मंदिर न्यास की कमान भी प्रधानमंत्री को अपने हाथों में लेनी चाहिए ताकि पारदर्शिता और मर्यादा पूरी तरह बनी रहे।
### **श्रद्धालुओं के पैसे का दुरुपयोग; निचले स्तर के कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप**
वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई और अगाध श्रद्धा से मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों-अरबों रुपये का दान दिया है। लेकिन, वर्तमान में मंदिर व्यवस्था में लगे कुछ स्थानीय कर्मचारियों और निचले स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से इस पवित्र दान राशि का भारी दुरुपयोग और हेराफेरी की जा रही है।
### **सीबीआई जांच और सीएजी ऑडिट की मांग**
डॉ. शास्त्री ने इस कथित घोटाले की जड़ तक पहुँचने के लिए दो बेहद कड़े कदमों की मांग की है:
1. **CBI जांच:** दान राशि में हुई गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए, ताकि पर्दे के पीछे छिपे असली दोषियों को बेनकाब कर उन्हें कठोरतम दंड दिया जा सके।
2. **CAG ऑडिट:** श्रद्धालुओं के पैसे के एक-एक पैसे का हिसाब पारदर्शी रखने के लिए भारत सरकार के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से पूरे न्यास का विशेष ऑडिट कराया जाए।
उच्च न्यायालय परिसर से प्रधानमंत्री को भेजे गए इस आधिकारिक अनुरोध पत्र के बाद अब कानूनी और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। देश के सबसे प्रतिष्ठित मंदिर की व्यवस्था और दान की पवित्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए उठाई गई यह मांग आने वाले दिनों में एक बड़ा मोड़ ले सकती है।

