**भाकियू की बड़ी चेतावनी: चिनहट पुलिस के खिलाफ 9 जून से अनिश्चितकालीन धरना**
**महिला नेता को न्याय न मिलने पर आक्रोश, डीसीपी दफ्तर घेरेंगे किसान**

*नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन देगी अनिश्चितकालीन धरना*
**लखनऊ, 07 जून 2026** चिनहट पुलिस की कार्यप्रणाली और दर्ज मुकदमे में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है. यूनियन के जिला अध्यक्ष आलोक वर्मा ने पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल अमल नहीं हुआ, तो 09 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे से डीसीपी पूर्वी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा.
### क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिनहट कोतवाली में बीते 02 मई 2026 को भारतीय किसान यूनियन की महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला मौर्य की ओर से एक मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस मामले में मोहम्मद अलीम और उनकी पत्नी रईसा खातून नामजद अभियुक्त हैं. पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 115, 117(2) और 352 के तहत केस (FIR संख्या 230/2026) तो पंजीकृत कर लिया, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है.
### पुलिस और विवेचक की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल*
भाकियू के जिला अध्यक्ष आलोक वर्मा ने पुलिस प्रशासन पर घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है. पत्र में कहा गया है कि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं. कस्बा चौकी प्रभारी और मामले के विवेचना अधिकारी की कार्यप्रणाली पूरी तरह संदेह के घेरे में है. ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने या ढील देने का प्रयास कर रही है.
> **”जब संगठन की महिला जिला अध्यक्ष को न्याय के लिए इतना लंबा संघर्ष करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी, यह आसानी से समझा जा सकता है।”** > *— आलोक वर्मा, जिला अध्यक्ष (भाकियू), लखनऊ*
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### किसान यूनियन की प्रमुख मांगें:
भारतीय किसान यूनियन ने पुलिस उपायुक्त के समक्ष स्पष्ट रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
* **आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी:** नामजद अभियुक्त मोहम्मद अलीम और रईसा खातून को अविलंब गिरफ्तार किया जाए.
* **उच्चस्तरीय जांच की मांग:** विवेचना में हुई अत्यधिक देरी और लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए.
* **दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई:** कस्बा चौकी प्रभारी और संबंधित विवेचना अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएं.
* **समयबद्ध न्याय:** पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
### प्रशासन को दी बड़ी चेतावनी
भाकियू ने साफ कर दिया है कि यह धरना तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक कि पीड़िता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता और आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता. संगठन ने चेतावनी दी है कि 09 जून से शुरू होने वाले इस अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान यदि कोई भी कानून-व्यवस्था या विपरीत स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग की होगी.
इस मामले की प्रतियां पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था), सहायक पुलिस आयुक्त (विभूतिखण्ड), प्रभारी निरीक्षक (चिनहट) और एल.आई.यू. को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई हैं.
