## **विस्फोट: यूपी में फर्जी व 'दागी' पत्रकारों पर बड़ा स्ट्राइक, सूचना विभाग खंगाल रहा 75 जिलों का कच्चा-चिट्ठा!**
## **उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित के पत्र का बड़ा असर: सूचना निदेशक के आदेश पर हड़कंप, रडार पर 'आपराधिक' छवि वाले पत्रकार!**


## **पत्रकारिता जगत में बड़ा विस्फोट: उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के पत्र पर हड़कंप, फर्जी व आपराधिक पत्रकारों पर कसेगा शिकंजा!**
**लखनऊ।**
उत्तर प्रदेश में पत्रकारिता के नाम पर फर्जीवाड़ा करने और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ राज्य सरकार और सूचना विभाग ने अब तक का सबसे सख्त रुख अपना लिया है। **उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित)** द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए सूचना विभाग ने पूरे प्रदेश में एक बड़ा सफाई अभियान शुरू कर दिया है।
### **समिति की मांग पर एक्शन में आए सूचना निदेशक विशाल सिंह**
मामले की गंभीरता को देखते हुए **सूचना निदेशक विशाल सिंह** ने तत्काल कड़े निर्देश जारी किए। उनके आदेश के क्रम में **अपर सूचना निदेशक अरविंद कुमार मिश्र** ने एक पत्र जारी कर प्रदेश के सभी 75 जिलों के सूचना अधिकारियों से जवाब और विस्तृत रिकॉर्ड तलब किया है।
समिति की पहल पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से प्रदेश भर में पत्रकारिता की आड़ में रसूख भुनाने वाले असमाजिक तत्वों और फर्जी पत्रकारों में हड़कंप मच गया है।
### **अपर सूचना निदेशक अरविंद कुमार मिश्र ने मांगी ये 3 बड़ी जानकारियां:**
अपर सूचना निदेशक द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में सभी जिलों (सहायक निदेशक / जिला सूचना अधिकारी) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निम्नलिखित बिंदुओं पर बिंदुवार रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं:
1. **मान्यता ट्रांसफर का खेल:** वर्ष 2008 से 2025 तक जिला मुख्यालय के कितने मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधियों की मान्यता एक संस्थान से दूसरे संस्थान में स्थानांतरित की गई है?
2. **आपराधिक मुकदमे:** वर्ष 2009 से 2025 तक जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त कितने पत्रकारों पर आपराधिक मामले (FIR) दर्ज हुए हैं?
3. **मान्यता निरस्तीकरण:** वर्ष 2016 से अब तक आपराधिक मुकदमों के चलते कितने पत्रकारों की मान्यताएं रद्द/निरस्त की गई हैं?
### **समिति के पत्र का ऐतिहासिक असर, शुद्धिकरण की शुरुआत”**
**उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित)** के पदाधिकारियों ने सूचना निदेशक विशाल सिंह और अपर सूचना निदेशक अरविंद कुमार मिश्र के इस कदम की सराहना की है।
> *”हमारी समिति ने 24 तारीख को सूचना निदेशक के समक्ष स्पष्ट मांग रखी थी कि प्रदेश में फर्जी पास धारकों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले पत्रकारों को चिन्हित किया जाए। हमारी मांग के बाद अपर सूचना निदेशक अरविंद कुमार मिश्र द्वारा जारी यह पत्र समिति के प्रयासों की बड़ी जीत है। यह योगी सरकार और सूचना विभाग का एक ऐतिहासिक व सराहनीय कदम है – प्रभात त्रिपाठी संयोजक उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति पुनर्गठित*
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### **लखनऊ के हजरतगंज से शुरू होगा ऑन-ग्राउंड चेकिंग अभियान!**
समिति के अनुसार, यह विभागीय जांच सिर्फ पहली सीढ़ी है। फर्जी पत्रकारों और वाहनों पर अवैध रूप से ‘प्रेस’ लिखकर घूमने वालों के खिलाफ **30 तारीख को लखनऊ के हजरतगंज** क्षेत्र में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, जहां ऐसे फर्जी चिन्ह वाले वाहनों को चिन्हित कर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के पत्र और उस पर सूचना निदेशक विशाल सिंह व अपर सूचना निदेशक अरविंद कुमार मिश्र की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब यूपी में फर्जी और आपराधिक छवि वाले पत्रकारों की खैर नहीं है!
