E-Paperhttps://navbharatdarpan.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedक्राइमखेलछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियादेशधर्मपंजाबबिहारबॉलीवुडमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रयुवायूपीराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़
Trending

**लखनऊ में 'मैनपावर' के नाम पर महाठगी: सरकारी नौकरी का झांसा देकर आउटसोर्सिंग कंपनियों ने वसूले करोड़ों, जल्द होगा पर्दाफाश!"**

**अफ़सरों के नाम पर वसूली का खेल! लखनऊ की आउटसोर्सिंग कंपनियों पर गाज गिरना तय, 'नवभारत दर्पण' खोलेगा पोल!"**

**श्रम लूट की खुली छूट! लखनऊ में आउटसोर्सिंग कंपनियों का बड़ा खेल: सरकारी नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से मोटी वसूली, सरकार की छवि पर बट्टा**
**लखनऊ।**
उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों और सरकार की मंशा पर पानी फेरने का एक सनसनीखेज खेल राजधानी लखनऊ में धड़ल्ले से चल रहा है। सरकारी विभागों में मैनपावर सप्लाई करने का ठेका लेने वाली आउटसोर्सिंग कंपनियां बेरोजगार युवाओं के शोषण का अड्डा बन चुकी हैं। “सरकारी विभाग में पक्की संविदा नौकरी” का झांसा देकर इन कंपनियों के दलाल और आका असहाय युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा अवैध कारोबार शासन के उच्चाधिकारियों के नाम पर चलाया जा रहा है। आउटसोर्सिंग कंपनियां युवाओं को गुमराह करते हुए बेझिझक यह दावा कर रही हैं कि वसूली का बड़ा हिस्सा “ऊपर शासन में बैठे अफसरों” तक जाता है।
### 🚨 भ्रष्टाचार का जाल और सरकार का रुख
एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साफ और स्पष्ट मंशा है कि किसी भी स्तर पर युवाओं के साथ धोखा और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, शासन से पंजीकृत और पैनल में शामिल ये आउटसोर्सिंग कंपनियां सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को ठेंगा दिखा रही हैं।
> **बड़ा सवाल:** जब सरकार की नीति युवाओं को निष्पक्ष रोजगार देने की है, तो ये कंपनियां किसके शह पर शासन और प्रशासन का नाम बेचकर करोड़ों की वसूली कर रही हैं?
>
* **अवैध वसूली:** आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती के लिए 50 हजार से लेकर 2-3 लाख रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
* **भ्रम की राजनीति:** युवाओं को डराया और फुसलाया जाता है कि बिना “चढ़ावे” के फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।
* **शोषण का चक्र:** नौकरी मिलने के बाद भी कम वेतन देना और पीएफ (PF) कटौती में हेराफेरी जैसी शिकायतें आम हैं।
### 💣 ‘नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क’ का बड़ा पर्दाफाश जल्द!
इस पूरे नेटवर्क में शामिल कुछ प्रमुख और चर्चित आउटसोर्सिंग कंपनियों के काले कारनामे **’नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क’** के संज्ञान में आ चुके हैं। कौन-कौन सी कंपनियां लखनऊ के बेरोजगारों को ठग रही हैं, किन विभागों की आड़ में यह खेल चल रहा है और इसके पीछे कौन से चेहरे हैं—**इन सभी नामचीन कंपनियों का कच्चा-चिट्ठा हमारी अगली विस्फोटक रिपोर्ट में बेनकाब किया जाएगा!**
### 🛑 सख्त कार्रवाई की दरकार
उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी छवि को धूमिल करने वाली इन आउटसोर्सिंग कंपनियों पर अब गाज गिरना तय माना जा रहा है। शासन के संबंधित उच्चाधिकारियों और श्रम विभाग को चाहिए कि:
1. **तत्काल प्रभाव से जांच बैठाई जाए:** संदिग्ध आउटसोर्सिंग कंपनियों का ऑडिट और उनके ऑडिट ट्रेल की जांच हो।
2. **एफआईआर और ब्लैकलिस्टिंग:** वसूली में लिप्त पाई जाने वाली कंपनियों का लाइसेंस रद्द कर मालिकों पर गैंगस्टर और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हो।
3. **हेल्पलाइन नंबर जारी हो:** पीड़ित युवा बिना किसी डर के ऐसी भ्रष्ट कंपनियों की शिकायत सीधे शासन से कर सकें।
समय रहते अगर इन ‘मानव तस्कर’ बनी कंपनियों पर नकेल नहीं कसी गई, तो उत्तर प्रदेश के युवाओं का भरोसा और सरकार की साख दोनों को गहरा आघात पहुंचेगा।
**देखते रहिए ‘नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क’… अगली कड़ी में पढ़ें उन कंपनियों के नाम, जिन्होंने बेरोजगारों की मजबूरी को बनाया अपनी कमाई का जरिया!**

NAV BHARAT DARPAN

कृष्णानन्द शर्मा "शिवराम" 2007 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं, दैनिक जागरण,अमर उजाला, युनाइटेड भारत, स्वतंत्र भारत, सन्मार्ग जैसे हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में अपनी लेखनी के जरिए उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, समसामयिक मुद्दों पर प्रकाश डालते रहे, वर्तमान में नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क में प्रधान सम्पादक पद पर कार्यरत हैं, फिल्म सिटी नोएडा से नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क का संचालन करते हैं, जिसमें हिन्दी दैनिक समाचार पत्र, न्यूज पोर्टल, वेबसाइट,व यूट्यूब न्यूज चैनल,ओ०टी०टी०, आईपी०टीवी व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहें हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!