*चंदौली में सनसनी: दबंग चाचा ने हड़पी विधवा-अनाथों की जायदाद, पीड़ित परिवार ने दी आत्मदाह की चेतावनी!*
*पैसों और रसूख का नंगा नाच: पिता की मौत के बाद माँ-बच्चों को घर से निकाला, छल से हथियाई पूरी संपत्ति!*


*चंदौली में दबंग चाचा ने हड़पी विधवा और अनाथों की जायदाद: दर-दर भटकने को मजबूर पीड़ित परिवार ने दी आत्मदाह की चेतावनी*
चंदौली (उत्तर प्रदेश):
ज़िले के पांडेयपुर गाँव से एक अत्यंत हृदयविदारक और आक्रोशित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ धनबल, राजनीतिक रसूख और प्रशासनिक बेरुखी के कारण एक पूरा परिवार पाई-पाई को मोहताज होकर सड़क पर आ गया है। पिता के साये से महरूम हुए अनाथ बच्चों और एक विधवा महिला को अपनों ने ही धोखे और ज़ुलुम की आग में झोंक दिया है।
*पति की मौत के बाद नियत में खोट, विरोध करने पर बेघर किया*
गाँव के निवासी स्वर्गीय कृष्णानंद पांडेय का निधन 10 अक्टूबर 2020 को हो गया था। आरोप है कि उनके देहांत के ठीक बाद उनके भाई राकेश पांडेय उर्फ सोनू ने अपनी ही विधवा भाभी (अंजू पांडेय) पर गंदी नज़र रखनी शुरू कर दी। जब स्वाभिमानी माँ ने इसका कड़ा विरोध किया, तो हैवानियत पर उतरे चाचा ने अपनी भाभी, भतीजे (ऋषि पांडेय) और भतीजी (नंदिनी पांडेय) को मारपीट कर लहूलुहान अवस्था में घर से बेदखल कर दिया।
*प्रशासनिक लाचारी या पैसों का प्रभाव?*
पीड़ित परिवार का आरोप है कि बेघर होने के बाद वे न्याय की गुहार लेकर बार-बार पुलिस और स्थानीय प्रशासन के चक्कर काटते रहे। लेकिन आरोपी चाचा ने अपने पैसों और राजनीतिक पहुँच के दम पर प्रशासनिक तंत्र को अपने प्रभाव में ले लिया, जिसके चलते पीड़ितों की एक न सुनी गई।
*फर्जी वसीयत के ज़रिए पूरी जायदाद पर कब्ज़ा*
हौसले बुलंद होने पर वर्ष 2023 में आरोपी चाचा ने धोखाधड़ी और फर्ज़ीवाड़े की सारी हदें पार करते हुए वयोवृद्ध दादा जयद्रथ पांडेय से पूरी संपत्ति की वसीयत अपने नाम करवा ली। आज स्थिति यह है कि पुश्तैनी जायदाद के रहते हुए भी पीड़ित परिवार के पास दो वक्त की रोटी का इंतज़ाम करने के पैसे नहीं हैं। बहन की एक छोटी सी नौकरी के सहारे परिवार किसी तरह गुज़र-बसर कर रहा है।
*भीख मंगवाकर छोड़ूँगा” – जान से मारने की धमकियाँ*
पीड़ित ऋषि पांडेय का कहना है कि जब भी कोई मददगार हाथ आगे बढ़ाता है, आरोपी अपने रसूख के बल पर उसे डरा-धमका कर चुप करा देता है। इतना ही नहीं, उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं और दबंग चाचा का कहना है कि वह उन्हें सड़कों पर भीख माँगने पर मजबूर कर देगा।
*अंतिम रास्ता: आत्मदाह की चेतावनी*
न्याय के सभी दरवाज़े बंद होने और भुखमरी के कगार पर पहुँचने के बाद अब इस बेबस परिवार के पास जीने का कोई रास्ता नहीं बचा है। पीड़ित परिवार ने हताश होकर चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला और उनकी पैतृक संपत्ति वापस नहीं दिलाई गई, तो वे आत्मदाह करने के लिए विवश होंगे, जिसकी पूरी ज़म्मेदारी शासन-प्रशासन और आरोपी चाचा की होगी।
