*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एआई वीडियो वॉर पर भड़के वरिष्ठ पत्रकार प्रभात त्रिपाठी: "2027 चुनाव से पहले नेताओं का चरित्र हनन शर्मनाक!*
*राजनीतिक दलों की रद्द हो मान्यता!" – एआई फर्जी वीडियो पर वरिष्ठ पत्रकार प्रभात त्रिपाठी का करारा प्रहार*
*सोशल मीडिया पर एआई वीडियो वॉर से मचा हड़कंप! उप्र मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के संयोजक प्रभात त्रिपाठी का बड़ा बयान*
विशेष रिपोर्ट (लखनऊ) | उत्तर प्रदेश की राजनीति और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड आपत्तिजनक और भ्रामक वीडियो की बाढ़ ने एक नया राजनीतिक और सामाजिक बवंडर खड़ा कर दिया है। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) के संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रभात त्रिपाठी ने इस पूरे मामले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे लोकतंत्र और समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत करार दिया है।
*2027 चुनाव से पहले एआई वीडियो वॉर बेहद शर्मनाक” – प्रभात त्रिपाठी*
वरिष्ठ पत्रकार प्रभात त्रिपाठी ने अपना एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिस तरह से सोशल मीडिया पर ‘एआई वीडियो वॉर’ की शुरुआत हुई है, वह बेहद आपत्तिजनक और चिंताजनक है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर आचार संहिता का कोई नियंत्रण न होने के कारण अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर इसका खुलकर गलत दुरुपयोग किया जा रहा है।
*मुख्यमंत्रियों और शीर्ष नेताओं के चरित्र हनन की साज़िश*
प्रभात त्रिपाठी ने खुलासा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं व सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इन वीडियो में मुख्यमंत्री को गांजा/सिगार पीते, धुआं उड़ाते और डांस करते हुए दिखाया गया है, जो बेहद घटिया, शर्मनाक और आपत्तिजनक है।
* राजनीतिक दलों पर कड़ा प्रहार: उन्होंने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों, गृह मंत्री अमित शाह हों, राहुल गांधी, अखिलेश यादव या मायावती—किसी भी नेता या संत समाज के प्रतिनिधि के खिलाफ ऐसे भ्रामक एआई वीडियो बनाना और प्रचारित करना पूरी तरह से गलत है।
* चुनावी मुद्दों से भटकाने का आरोप: “राजनीति करनी है तो महंगाई, बेरोजगारी और विकास के असल मुद्दों पर कीजिए। सत्ता पाने या प्रतिद्वंद्विता के लिए इस तरह की घृणित एआई राजनीति करना समाज में गंदगी फैला रहा है।
* पार्टियों की मान्यता रद्द करने की मांग: उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि जो भी राजनीतिक दल या उनके कार्यकर्ता ऐसे घृणित एआई वीडियो बना रहे हैं या शेयर कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित राजनीतिक दलों की मान्यता भी समाप्त की जाए।
*सरकार और चुनाव आयोग से तत्काल मैकेनिज्म बनाने की अपील*
एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ-साथ देश का जागरूक नागरिक होने के नाते प्रभात त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश शासन के शीर्ष अधिकारियों और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री से गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार के फर्जी व भ्रामक एआई (AI) कंटेंट पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल एक मजबूत कानूनी मैकेनिज्म और गाइडलाइंस तैयार की जाएं।
उन्होंने आम जनता और व्यूअर्स से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि वे ऐसे किसी भी भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो को आगे फॉरवर्ड या वायरल न करें, क्योंकि तकनीक का इस्तेमाल देश की प्रगति और स्वच्छ समाज के निर्माण के लिए होना चाहिए, चरित्र हनन के लिए नहीं।