*जौनपुर:मनरेगा में डाका: मुर्दों और परदेशियों के नाम पर उठ रही दिहाड़ी, शाहगंज के सिधांई ग्रामसभा में फूटा भ्रष्टाचार का बम!*
*कागजों पर मजदूर, असल में सऊदी-मुंबई में हुज़ूर: जौनपुर में सरकारी खजाने की बंदरबांट का पर्दाफाश!*









*भ्रष्टाचार का बड़ा धमाका: मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा, सरकारी खजाने पर डाका!*
*विशेष संवाददाता*
जौनपुर।सरकारी योजनाओं में धांधली और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार जनपद जौनपुर के तहसील क्षेत्र शाहगंज के सिधांई ग्रामसभा में मनरेगा (MNREGA) योजना के तहत फर्जी लाभार्थियों के नाम दर्ज कर सरकारी धन के बंदरबांट का सनसनीखेज खेल सामने आया है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
*विदेश और दूसरे राज्यों में रहने वालों के नाम पर भी उठ रही दिहाड़ी*
प्राप्त सरकारी प्रपत्रों और पंजीकरण सूची की गहन पड़ताल से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
* ससुराल और दूसरे शहरों में रहने वाले बने लाभार्थी: सूची में दर्ज कई नाम (जैसे- भिखारी बिंद तथा पारसनाथ) वर्षों से लुधियाना, मुंबई या सऊदी अरब में रहकर नौकरी कर रहे हैं, लेकिन कागजों में उन्हें गांव में मनरेगा मजदूर दिखाकर भुगतान उठाया जा रहा है।
*रसूखदारों के चहेतों की पौ-बारह*
मनरेगा की आधिकारिक सूची में ग्राम प्रधान के भाइयों, भतीजों, पूर्व प्रधानों तथा स्थानीय पुजारी के सगे-संबंधियों को लाभार्थी दर्शाकर सरकारी बजट को ठिकाने लगाया जा रहा है।
*साक्ष्यों से हड़कंप, लीपापोती में जुटे जिम्मेदार*
शाहगंज के ग्रामसभा सिधांई के मनरेगा की गोपनीय सूची और दस्तावेज सार्वजनिक होने से संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के पक्के साक्ष्य सामने आने के बाद अब पूरे मामले को दबाने और लीपापोती करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
*उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग*
सिधांई ग्रामसभा के स्थानीय ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे घोटाले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मांग की जा रही है कि फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर शिकंजा नहीं कसा गया, उच्चस्तरीय जांच व जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हेतु मामले को जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और मुख्यमंत्री कार्यालय तक ले जाया जाएगा।