**वर्दी पर भारी पड़ा जमीर!" — NEET घोटाले पर भड़के SI ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर पर मचा हड़कंप**
**भाइयों पर नहीं चला सकता लाठी!" — छात्रों के समर्थन में दिल्ली पुलिस के जांबाज SI मोहित का इस्तीफा**
## 💥 **अपने ही भाइयों पर लाठी नहीं चला सकता!” — NEET धांधली के विरोध में दिल्ली पुलिस के जांबाज SI का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर मचा हड़कंप!**
*संजीव कुमार मिश्र”संजय”*
**नई दिल्ली:** NEET परीक्षा घोटाले और पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों का गुस्सा चरम पर है। इस बीच, आंदोलन ने उस समय एक बेहद भावुक और ऐतिहासिक मोड़ ले लिया जब दिल्ली पुलिस के एक जांबाज सब-इंस्पेक्टर (SI) मोहित ने अपने पद और नौकरी से इस्तीफा दे दिया।
आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे सब-इंस्पेक्टर मोहित ने भावुक होकर कहा,
> *”मैं दिल्ली पुलिस का एक जवान हूँ और एक अच्छी स्थिति में था। लेकिन जिस दिन मुझे पता चला कि छात्रों पर कार्रवाई और लाठीचार्ज के आदेश जारी हो रहे हैं, मैं मेडिकल लीव पर चला गया। जब विभाग से मुझे तुरंत ड्यूटी जॉइन करने के लिए फोर्स किया गया, तो मेरी आत्मा ने गवाही नहीं दी। आज सुबह ही मैं अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर आया हूँ!”*
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### 🔥 **वर्दी और सरकारी गाड़ियों से बढ़कर है जमीर”**
सब-इंस्पेक्टर मोहित ने माइक संभालते हुए आक्रोशित और भावुक लहजे में कहा:
* **छात्रों के साथ खड़े होने का फैसला:** *”मेरे शिक्षक और मेरी परवरिश ने मुझे इतना काबिल बनाया है कि मैं अपने निर्दोष भाइयों पर लाठियां नहीं बरसा सकता। मुझे सरकारी बंगला, गाड़ियां और सैलरी नहीं चाहिए। मेरे लिए मेरे देश के युवाओं का भविष्य और जमीर सबसे पहले है।”*
* **साथी पुलिसकर्मियों का दर्द:** मोहित ने यह भी खुलासा किया कि पुलिस महकमे के कई जवान अंदर से रो रहे हैं। उन्होंने कहा, *”जब मैंने अपने साथी जवानों से पूछा कि तुम इन छात्रों पर लाठियां कैसे चला रहे हो, तो उनकी आँखों में भी आँसू थे। ऊपर से दबाव इतना ज्यादा है कि लोग बेबस हैं, लेकिन मैंने इस दबाव के आगे झुकने के बजाय इस्तीफा देना बेहतर समझा।”*
### ⚡ **आंदोलन में फूंक दी नई जान**
जंतर-मंतर पर मौजूद हजारों छात्रों ने सब-इंस्पेक्टर मोहित के इस अभूतपूर्व कदम का जोरदार नारों और तालियों के साथ स्वागत किया। एक तरफ जहाँ सरकार और प्रशासन विरोध-प्रदर्शन को दबाने की कोशिश में जुटा है, वहीं एक पुलिस अधिकारी द्वारा वर्दी त्यागकर छात्रों के समर्थन में उतर आने से आंदोलन को भारी नैतिक और राजनीतिक मजबूती मिली है।