**घूस राज: लखनऊ में ₹5000 न देने पर 40 सवारियों को बीच सड़क उतारा, बस सीज, एक युवक अस्पताल में भर्ती!**
**खाकी शर्मसार: लखनऊ में TSI जय सिंह की दबंगई, रिश्वत न मिलने पर प्रवासियों से भरी बस की सीज; जनता में भारी आक्रोश!**

# **लखनऊ में खाकी पर लगा बड़ा दाग: ₹5000 की घूस न मिलने पर बस सीज, सवारियों को बीच सड़क पर उतारा, एक युवक अस्पताल में भर्ती!**
**लखनऊ।** राजधानी लखनऊ से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ यातायात पुलिस के एक दीवान और टीएसआई पर भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि सुबह-सुबह मुंबई से लौटे 40 प्रवासियों से भरी एक रिजर्व बस को सिर्फ इसलिए सीज कर दिया गया क्योंकि बस संचालक ने कथित तौर पर मांगी गई ₹5,000 की रिश्वत देने से इनकार कर दिया था। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें ड्राइवर खुद पुलिस की इस अवैध वसूली का बयान दे रहा है।
### **मुंबई से लौट रहे थे 40 मुसाफिर, बीच रास्ते में बनी बंधक**
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सुबह मुंबई से आए कुछ लोगों ने ऐशबाग से बहराइच जाने के लिए एक निजी बस बुक की थी। बस में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 40 सवारियां मौजूद थीं। जैसे ही बस ऐशबाग से निकलकर **बंदरियाबाग चौराहे** पर पहुँची, वहाँ तैनात यातायात दीवान ने बस को रुकवा लिया।
बस संचालक का आरोप है कि दीवान ने सबसे पहले गाड़ी के कागजात मांगे, जिसे ड्राइवर ने तुरंत दिखा दिया। गाड़ी के सारे कागजात और ड्राइवर का लाइसेंस पूरी तरह वैध होने के बावजूद, दीवान ने बस छोड़ने के बदले **₹5,000 की अवैध रकम** की मांग की।
### **पैसा देने से किया इनकार, तो मिली खौफनाक सजा**
जब बस ड्राइवर और संचालक ने रिश्वत की रकम देने से साफ मना कर दिया, तो खाकी का रौद्र रूप देखने को मिला। आरोप है कि गुस्साए पुलिसकर्मियों ने मानवता को ताक पर रखकर बस में बैठी सभी 40 सवारियों को जबरन बीच सड़क पर नीचे उतार दिया। चिलचिलाती धूप और परेशानी के बीच तड़पते मुसाफिरों में से एक युवक की हालत अचानक बेहद गंभीर हो गई।
> **युवक के साथ मारपीट का भी आरोप:** बस संचालक के मुताबिक, पुलिसकर्मियों द्वारा मुसाफिरों के साथ बदसलूकी की गई, जिसमें एक युवक को चोटें आईं और उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे आनन-फानन में **सिविल अस्पताल** में भर्ती कराना पड़ा, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
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### **एक ही वक्त पर दो अलग-अलग जगहों पर चालान और गाड़ी सीज**
रिश्वत न मिलने की खुन्नस यहीं खत्म नहीं हुई। आरोप है कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस ने बस के **दो अलग-अलग जगहों पर चालान** काट दिए और उसके बाद गाड़ी को खींचकर (Seize) कर दिया। बस संचालक का सीधा आरोप है कि जब सारे कागजात सही थे, तो सिर्फ पैसा न मिलने की खुन्नस में यह पूरी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
### **निशाने पर विवादित TSI जय सिंह: पहले भी लग चुके हैं आरोप**
इस पूरे मामले में **यातायात उपनिरीक्षक (TSI) जय सिंह** की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बस संचालक का कहना है कि टीएसआई जय सिंह पर पहले भी भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं, लेकिन हर बार वो जांच के दायरे से बच निकलते हैं। लखनऊ की जनता और पीड़ित अब सोशल मीडिया पर मांग कर रहे हैं कि ऐसे विवादित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाना चाहिए।
### **डीसीपी यातायात से न्याय की गुहार**
पीड़ित बस संचालक ने इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य के रूप में जारी करते हुए **डीसीपी यातायात (DCP Traffic)** से न्याय की गुहार लगाई है। मामले का वीडियो वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि कानून के रखवाले इस तरह की खुली लूट और संवेदनहीनता पर क्या एक्शन लेते हैं, या फिर रसूखदार अधिकारी एक बार फिर मामले को रफा-दफा करने में कामयाब हो जाएंगे।
*इस मामले पर पुलिस प्रशासन के आधिकारिक बयान और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।*