**खुलासा: लखनऊ में 'पत्रकार' की आड़ में देश विरोधी प्रॉक्सी वार!**
**सनसनीखेज: डिजिटल टेरर नेटवर्क का भंडाफोड़, निशाने पर राम मंदिर और सरकार!**

## **सनसनीखेज खुलासा: लखनऊ में ‘पत्रकारिता’ की आड़ में देश विरोधी छद्म युद्ध का बड़ा नेटवर्क? पुलिस कमिश्नर से शिकायत, एफआईआर की मांग!**
**लखनऊ:** राजधानी लखनऊ से एक बेहद चौंकाने वाला और विस्फोटक मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर मीडिया जगत तक में हड़कंप मचा दिया है। वरिष्ठ निष्पक्ष पत्रकार अनूप गुप्ता (संपादक: प्रखर पोस्ट एवं दृष्टांत मीडिया) ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर को एक शिकायती पत्र सौंपकर मो० कामरान नामक व्यक्ति और उसके गैंग के खिलाफ देशद्रोह, ब्लैकमेलिंग और समाज में नफरत फैलाने के गंभीर आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा आईटी एक्ट के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि खुद को पत्रकार, वकील और आरटीआई कार्यकर्ता बताने वाला मो० कामरान असल में एक खतरनाक सिंडिकेट चला रहा है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारत के खिलाफ ‘प्रॉक्सी वार’ (छद्म युद्ध) छेड़े हुए है।
### **डिजिटल आतंक का साम्राज्य: पाकिस्तान और तुर्की तक फैले हैं तार!**
शिकायत पत्र में किए गए खुलासे के मुताबिक, कामरान **’वायस ऑफ मुस्लिम’** और **’वायस ऑफ मुस्लिम विमेन’** नाम के फेसबुक और सोशल मीडिया पोर्टल्स का संचालन करता है। इन पेजों के जरिए दुनिया भर के करोड़ों लोगों तक भड़काऊ सामग्री पहुंचाई जा रही है।
* **विदेशी कनेक्शन:** चौंकाने वाली बात यह है कि इन पोर्टल्स के फॉलोअर्स सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि **पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की, अजरबैजान, नाइजीरिया, ईरान और अफगानिस्तान** जैसे देशों में फैले हुए हैं, जिनमें कई कट्टरपंथी संगठन भी शामिल हैं।
* **फंडिंग का खेल:** भारत सरकार के रजिस्ट्रार न्यूज पेपर ऑफ इण्डिया (RNI) से मान्यता का झांसा देकर लोगों से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते (खाता संख्या- 39107303983) और पेटीएम के जरिए भारी फंडिंग जुटाने का भी आरोप है। कामरान की पत्नी सादिया हसन भी इस मैगजीन के आरएनआई पंजीकरण और अपराधों में बराबर की भागीदार बताई गई है।
### **विस्फोटक आरोप: जाकिर नाइक से तुलना और पहलगाम में जासूसी का शक?**
शिकायतकर्ता ने कामरान की तुलना विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक से करते हुए उसे “स्लीपर सेल” का हिस्सा बताया है। पत्र में दो सबसे सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं:
1. **अयोध्या और पहलगाम में जासूसी की आशंका:** आरोप है कि अप्रैल 2025 में जब पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, तब कामरान वहां मौजूद था और कथित तौर पर संदिग्ध तस्वीरें पाकिस्तान भेज रहा था। यही नहीं, अयोध्या के संतों और बड़े अधिकारियों के साथ तस्वीरें खिंचवाकर उनका दुरुपयोग करने और राम मंदिर की जासूसी करने का भी गंभीर संदेह जताया गया है।
2. **फेसबुक (मेटा) का रेड फ्लैग:** कामरान के भड़काऊ और खतरनाक पोस्ट्स को देखते हुए मेटा (Meta Support Team) ने बकायदा नोटिस जारी कर उसके पेज को कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स के उल्लंघन के लिए फ्लैग किया था, जिसके बाद उसने डर के मारे कई विवादित पोस्ट और बैंक डिटेल्स हटा दिए।
### **पीएम मोदी, सीएम योगी और न्यायपालिका के खिलाफ जहर उगलने का धंधा!**
शिकायत में सबूतों के साथ दावा किया गया है कि कामरान का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार को अस्थिर करना है। वह लगातार पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक और फर्जी पोस्ट (जैसे बाराबंकी रैली में सांडों की झूठी फोटो, सुल्तानपुर में महिला को गोली लगने की अफवाह) शेयर करता आ रहा है। इसके अलावा, उसने देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) और न्यायमूर्तियों को लेकर भी कई भद्दे और विवादित कमेंट्स पोस्ट किए हैं।
### **आरटीआई के नाम पर वसूली और महिलाओं का उत्पीड़न!**
गैंग के काम करने का तरीका बेहद शातिराना बताया गया है। कामरान और उसके गुर्गे (जिनमें शैली सिंह, पुष्पा विश्वकर्मा, दिव्या श्रीवास्तव आदि के नाम शामिल हैं) आम लोगों के पहचान पत्रों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी आरटीआई और आईजीआरएस (IGRS) डालते हैं। इसके जरिए वे अधिकारियों, कर्मचारियों और राजनेताओं को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करते हैं और मोटी रंगदारी वसूलते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह गैंग महिलाओं को प्रताड़ित करने और उनके तलाक कराने में भी माहिर है।
हाल ही में अपनी ब्लैकमेलिंग के सबूत मिटाने के लिए कामरान ने अपने मोबाइल ब्लास्ट होने की एक झूठी कहानी भी सोशल मीडिया पर गढ़ी थी, ताकि वह सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच सके।
> **कठोर कार्रवाई की मांग:** पत्रकार अनूप गुप्ता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि देश की अखंडता को खतरे में डालने वाले, ‘गजवा-ए-हिंद’ का ख्वाब देखने वाले और समाज में सांप्रदायिक वैमनस्यता घोलने वाले इस पूरे सिंडिकेट को बेनकाब कर तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए। अब देखना यह है कि लखनऊ पुलिस इस गंभीर और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले पर क्या एक्शन लेती है!
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