# **ARTO और ट्रैफिक पुलिस का 'कुकृत्य': खड़ी बस का काटा गलत चालान, लखनऊ में खलासी को बना दिया ड्राइवर!**
## **योगीराज में बेलगाम अफसरशाही! क्या योगी के खिलाफ साज़िश कर रहे हैं अफसर?ARTO आलोक यादव पर 'जातिवादी' कार्रवाई और अवैध एंट्री सिस्टम का सनसनीखेज आरोप!**

बसों का जबरजस्ती चालान करते लखनऊ के एआरटीओ आलोक यादव तथा बन्दरहिया बाग में ट्रैफिक इंस्पेक्टर जय सिंह

बसों का जबरजस्ती चालान करते लखनऊ के एआरटीओ आलोक यादव तथा बन्दरहिया बाग में ट्रैफिक इंस्पेक्टर जय सिंह

**परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की तानाशाही: चिनहट में नियमों की धज्जियां उड़ाकर काटा चालान, ARTO लखनऊ आलोक यादव तथा बन्दरहिया बाग में ट्रैफिक इंस्पेक्टर जय सिंह पर ‘जातिवादी’ वसूली और प्रताड़ना का गंभीर आरोप!**
लखनऊ ,उत्तर प्रदेश में योगी सरकार जीरो टॉलरेंस और निष्पक्षता का दावा करती है, लेकिन धरातल पर कुछ अधिकारी अपनी मनमानी और ‘विशेष’ झुकाव के चलते सरकार की साख पर बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ताजा मामला राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र का है, जहां अंबेडकर नगर के एक बस मालिक के साथ ट्रैफिक पुलिस (TSI) और ARTO लखनऊ आलोक यादव द्वारा कथित तौर पर घोर अन्याय, प्रताड़ना और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई और बन्दरहिया बाग में ट्रैफिक इंस्पेक्टर जय सिंह का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पीड़ित बस मालिक ने सीधे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए अधिकारियों की इस ‘वसूली’ और ‘प्रताड़ना’ तंत्र की जांच की मांग की है।
### **खड़ी गाड़ी का चालान, खलासी को बना दिया ड्राइवर!**
अंबेडकर नगर (तामसमार्ग, अकबरपुर) निवासी पीड़ित बस मालिक **उमेश तिवारी (पुत्र कृष्ण भान तिवारी)** ने बताया कि उनकी बस **(UP 45 BT 4728)** का असल चालक **रेहान (पुत्र रमजान अली)** है। घटना के समय बस सर्विस रोड पर शांति से खड़ी थी। तभी चिनहट ट्रैफिक पुलिस (TSI) के कर्मी गाड़ी पर आए और जबरन चालान काटने लगे।
हद तो तब हो गई जब नियमों को ताक पर रखकर, गाड़ी में मौजूद खलासी **प्रवेश (पुत्र अनिल कुमार)** को चालक दर्शाते हुए चालान काट दिया गया, जबकि प्रवेश को गाड़ी चलाना तक नहीं आता! अधिकारियों ने आरोप लगाया कि ड्राइवर मोबाइल का प्रयोग कर रहा था, जबकि पीड़ित का दावा है कि गाड़ी खड़ी थी, चालक ने सीट बेल्ट बांध रखी थी और वह किसी फोन पर बात नहीं कर रहा था।
### **ARTO आलोक यादव पर ‘इंट्री सिस्टम’ और ‘जातिवाद’ के गंभीर आरोप**
मामला सिर्फ गलत चालान तक सीमित नहीं रहा। पीड़ित उमेश तिवारी का आरोप है कि उसी समय मौके पर मौजूद **ARTO लखनऊ आलोक यादव** ने उनकी बस को सीज (बंद) कर दिया। पीड़ित ने बेहद गंभीर और विस्फोटक आरोप लगाते हुए कहा:
> “जिस समय मेरी गाड़ी बंद की गई, उसी समय 4 से 5 गाड़ियां (जो यादव समाज के लोगों की थीं) ARTO साहब के बगल से गुजरीं, लेकिन उन्हें हाथ तक नहीं लगाया गया। वे गाड़ियाँ इनके तथाकथित ‘इंट्री सिस्टम’ (अवैध वसूली तंत्र) में रहती हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया। चूंकि मैं पंडित हूँ, इसलिए मेरी गाड़ी को निशाना बनाया गया और बंद कर दिया गया।”
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### **मुख्यमंत्री जी, आखिर किस बात की प्रताड़ना? जनता और मालिकों में भारी आक्रोश**
बस मालिक ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तीखे सवाल पूछते हुए लोकतंत्र की दुहाई दी है। उन्होंने कहा:
* “मुख्यमंत्री जी, बस मालिक, बस ड्राइवर और बस यात्री—सबका लोकतंत्र में वोट करने का अधिकार है। आखिर इतनी प्रताड़ना किस बात के लिए?”
* “इस अवैध वसूली से जनता का क्या हित होने वाला है? यह कैसा अभियान है जहां ट्रैफिक पुलिस से लेकर एआरटीओ तक सिर्फ प्रताड़ना में जुटे हैं?”
* “क्या यही है उत्तर प्रदेश के असली विकास का सच? या फिर आपकी सरकार को बदनाम करने के लिए इन अधिकारियों ने विरोधी दलों से ठेका ले रखा है?”
### **उच्च स्तरीय जांच की मांग**
इस घटना के बाद से परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। पीड़ित ने मुख्यमंत्री और शासन से मांग की है कि इस पूरे ‘इंट्री रैकेट’, जातिवादी मानसिकता से की गई कार्रवाई और गलत चालान की विधिवत उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ARTO आलोक यादव व संबंधित TSI के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार इन बेलगाम अधिकारियों पर क्या हंटर चलाती है!