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**लखनऊ में पत्रकारों का महा-विस्फोट: प्रभात त्रिपाठी के नेतृत्व में झुकी सत्ता, डिप्टी सीएम मानेंगे 5 बड़ी मांगें!**

**डिप्टी सीएम ने मानी पत्रकारों की 5 बड़ी मांगें; मुख्य संयोजक प्रभात त्रिपाठी के नेतृत्व में लखनऊ महाकुंभ संपन्न**

# ⚡ महा-विस्फोट: लखनऊ में देश-प्रदेश के पत्रकारों का ऐतिहासिक शंखनाद, मुख्य संयोजक प्रभात त्रिपाठी के ‘महाकुंभ’ से हिली सत्ता की चूलें!

### 🛑 विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सबसे बड़ी हुंकार; उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंच से ली प्रतिज्ञा, सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टेबल पर पहुंचेंगी ये 5 ऐतिहासिक मांगें!

*कृष्णानन्द शर्मा”शिवराम”*

**लखनऊ।**
राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक धरती ने २५ मई २०२६ को एक ऐसा मंजर देखा, जिसने उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के समूचे मीडिया जगत के इतिहास को एक नए स्वर्णिम अध्याय में तब्दील कर दिया। **उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (UP Accredited Correspondents Committee)** के बैनर तले आयोजित भव्य **‘पत्रकार महाकुंभ’** सिर्फ एक सामान्य सम्मेलन या औपचारिकता मात्र नहीं था, बल्कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का एक ऐसा संप्रभु, अजेय और विस्फोटक शंखनाद बन गया, जिसकी धमक ने उत्तर प्रदेश शासन और सत्ता के सर्वोच्च गलियारों में खलबली मचा दी है।
यह अभूतपूर्व और विशाल आयोजन समिति के माननीय अध्यक्ष **शेखर पंडित** की गरिमामयी अध्यक्षता, मुख्य संयोजक **प्रभात त्रिपाठी** के अत्यंत सशक्त, दूरदर्शी व कुशल एकल नेतृत्व और प्रवक्ता **अनिल तिवारी** व वरिष्ठ सदस्य **के०के० सिंह** की अभेद्य देखरेख में संपन्न हुआ। इस महासंगम में उत्तर प्रदेश के ७५ जिलों के सुदूर अंचलों से लेकर देश के कोने-कोने और विभिन्न राज्यों से आए प्रख्यात पत्रकारों, संपादकों, कलमकारों और जमीनी संवाददाताओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि कार्यक्रम स्थल का विशाल परिसर छोटा पड़ गया। पैर रखने तक की जगह नहीं बची और चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ पत्रकारों की एकजुटता का जयघोष गूंजता रहा।

## 🏛️ दिग्गजों का महासमागम: मुख्य अतिथि बने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह

इस ऐतिहासिक महाकुंभ की गरिमा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गई जब मुख्य संयोजक **प्रभात त्रिपाठी** के एक सिंगल इन्विटेशन (बुलावे) पर उत्तर प्रदेश सरकार के संकटमोचक और लोकप्रिय **उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक** ने मुख्य अतिथि के रूप में मंच को सुशोभित किया।
उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के बेहद सक्रिय **परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह** और **उत्तर प्रदेश के सूचना आयुक्त** भी मंच पर विराजमान रहे। राज्य के इन शीर्ष कर्णधारों की उपस्थिति इस बात का साक्षात प्रमाण थी कि मुख्य संयोजक प्रभात त्रिपाठी के नेतृत्व वाली इस समिति की साख और ताकत शासन स्तर पर कितनी अटूट है। देश और प्रदेश के नामचीन राष्ट्रीय चैनलों, समाचार पत्रों और डिजिटल मीडिया के प्रख्यात दिग्गजों की मौजूदगी ने इस मंच को एक ऐसी वैचारिक शक्ति में बदल दिया, जिसने नीति-निर्धारकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

## 💥 वो ५ ‘विस्फोटक’ मांगें, जिन्होंने मंच से सीधे मुख्यमंत्री आवास (5-केलिदास मार्ग) तक पैदा की हलचल

महासम्मेलन का माहौल उस समय पूरी तरह से क्रांतिकारी हो गया जब मुख्य संयोजक **प्रभात त्रिपाठी** ने पत्रकारों की दशकों पुरानी और सबसे ज्वलंत समस्याओं का पुलिंदा मुख्य अतिथि के सामने रखा। पत्रकारों की इस हुंकार का असर यह हुआ कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने न केवल इन मांगों को ध्यान से सुना, बल्कि बेहद संवेदनशील होते हुए खुद माइक संभाला और खुले मंच से घोषणा की कि **”मैं आपकी इन सभी जायज मांगों का पूरी ताकत से समर्थन करता हूँ और आपकी आवाज बनकर इसे सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष रखूंगा।”**
उपमुख्यमंत्री ने जिन ५ मुख्य और ऐतिहासिक मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट से पास कराने और उन्हें अमली जामा पहनाने की हुंकार भरी है, वे निम्नलिखित हैं:
### १. 🪙 वरिष्ठ पत्रकारों के लिए सम्मानजनक ‘पेंशन योजना’
जीवन के ३० से ४० साल समाज की कुरीतियों, भ्रष्टाचार और जनता की आवाज को उठाने में खपा देने वाले हमारे बुजुर्ग और वरिष्ठ पत्रकार आज बुढ़ापे में उपेक्षित महसूस करते हैं। महाकुंभ में पुरजोर मांग उठी कि उत्तर प्रदेश के हर वरिष्ठ और वृद्ध पत्रकार को एक सम्मानजनक मासिक पेंशन दी जाए ताकि वे अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में स्वाभिमान के साथ जी सकें। डिप्टी सीएम ने इस पर पूर्ण सहमति जताई।
### २. 🎫 बिना भेदभाव के ‘सभी पत्रकारों को सरकारी मान्यता’
अब तक मान्यता की प्रक्रिया कुछ सीमित दायरों में सिमटी हुई थी। इस महाकुंभ के मंच से गरजते हुए मांग की गई कि जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर दिन-रात धूप, बरसात और कड़कड़ाती ठंड में ग्राउंड रिपोर्टिंग करने वाले हर वास्तविक पत्रकार को सरकार तुरंत मान्यता (Accreditation) प्रदान करे। जब तक हर पत्रकार को पहचान और अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता।
### ३. 🛡️ ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ और संपूर्ण सुरक्षा की गारंटी
फील्ड में काम करते समय पत्रकारों पर होने वाले जानलेवा हमलों, फर्जी मुकदमों और प्रशासनिक उत्पीड़न की घटनाओं पर इस महाकुंभ में गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। मुख्य संयोजक के नेतृत्व में मांग की गई कि उत्तर प्रदेश में तत्काल प्रभाव से एक अत्यंत कड़ा और गैर-जमानती **’पत्रकार सुरक्षा अधिनियम’** लागू किया जाए, जिससे कोई भी रसूखदार या अपराधी लोकतंत्र के प्रहरी पर हाथ उठाने से पहले सौ बार कांपे।
### ४. 🏥 पत्रकारों और उनके आश्रित परिजनों का ‘मुफ्त और कैशलेस इलाज’
बीमारी के वक्त एक आम पत्रकार का पूरा परिवार आर्थिक संकट में डूब जाता है। इस गंभीर मुद्दे पर गंभीर विमर्श हुआ और मांग रखी गई कि उत्तर प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों सहित उनके माता-पिता, पत्नी और बच्चों को राज्य के सभी टॉप कॉरपोरेट और सरकारी अस्पतालों में **मुफ्त व कैशलेस चिकित्सा सुविधा (आयुष्मान योजना की तर्ज पर या विशेष हेल्थ कार्ड के माध्यम से)** दी जाए।
### ५. 🚌 परिवहन विभाग की बसों और ट्रेनों में ‘शत-प्रतिशत फ्री यात्रा की सौगात’
पत्रकारों को खबरों के संकलन के लिए चौबीसों घंटे एक स्थान से दूसरे स्थान पर भागना पड़ता है। विशिष्ट अतिथि और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री ने मांग का पुरजोर समर्थन किया कि पत्रकारों के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन (UPSRTC) की सभी साधारण, वातानुकूलित (AC) और जनरथ बसों में यात्रा को पूरी तरह से **निःशुल्क (१००% फ्री)** किया जाए, साथ ही रेलवे में भी पूर्व की भांति रियायतें बहाल करने की सिफारिश केंद्र तक भेजी जाए।

## 📊 महाकुंभ की रूपरेखा और व्यवस्था का ब्यौरा

| कार्यक्रम का नाम | उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता सम्मेलन (पत्रकार महाकुंभ) |
|—|—|
| **आयोजक संस्था** | उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (UP ACC) |
| **मुख्य सारथी / नेतृत्व** | **प्रभात त्रिपाठी (मुख्य संयोजक)** |
| **अध्यक्षता** | शेखर पंडित (अध्यक्ष) |
| **प्रबंधन व देखरेख** | अनिल तिवारी (प्रवक्ता) एवं के०के० सिंह |
| **मुख्य अतिथि** | ब्रजेश पाठक (माननीय उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश) |
| **विशिष्ट अतिथि** | दयाशंकर सिंह (माननीय परिवहन मंत्री, उ०प्र०) एवं सूचना आयुक्त |
| **मुख्य एजेंडा** | सुरक्षा, पेंशन, मान्यता, फ्री यात्रा और परिजनों का मुफ्त इलाज |
| **कुल सहभागिता** | उत्तर प्रदेश के सभी जिलों सहित भारत के विभिन्न राज्यों के प्रख्यात पत्रकार।

## 📢 ‘सफलता का नया स्वर्णिम इतिहास’: मुख्य संयोजक प्रभात त्रिपाठी के अभेद्य चाणक्य नीति की जीत

इस कार्यक्रम की अभूतपूर्व सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व ईमानदार और इरादे बुलंद हों, तो इतिहास बदलते देर नहीं लगती। वैसे तो समिति के अध्यक्ष शेखर पंडित ने पूरी शालीनता से मंच संभाला और प्रवक्ता अनिल तिवारी व के०के० सिंह ने बैकएंड की पूरी कमान संभाली, लेकिन इस पूरे महाकुंभ के असली सूत्रधार और रणनीतिकार **मुख्य संयोजक प्रभात त्रिपाठी** रहे।
प्रभात त्रिपाठी के इसी इकलौते और मजबूत नेतृत्व का करिश्मा था कि लखनऊ की धरती पर विचारधाराओं और गुटों से ऊपर उठकर देश का हर छोटा-बड़ा पत्रकार एक जाजम पर बैठने को मजबूर हो गया। उन्होंने बिखरी हुई पत्रकारिता को एक ऐसी मुट्ठी में बांध दिया है जिसे हिला पाना अब किसी भी सत्ता या प्रशासनिक अधिकारी के बस की बात नहीं है।
मंच से बोलते हुए प्रवक्ता अनिल तिवारी और आयोजक मंडल के वरिष्ठ सदस्यों ने मुख्य संयोजक की तारीफों के पुल बांधे और कहा कि मुख्य संयोजक प्रभात त्रिपाठी जी के कुशल और जुझारू नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने अपनी जो ताकत दिखाई है, उसकी गूंज सालों तक सुनाई देगी। हमारी सबसे बड़ी और पहली ऐतिहासिक जीत यह है कि खुद राज्य के उपमुख्यमंत्री माननीय ब्रजेश पाठक जी ने हमारे अधिकारों की लड़ाई की कमान अपने हाथों में ले ली है और उन्होंने वादा किया है कि वे इन मांगों की फाइल को खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हाथों में सौंपकर इसे मंजूर करवाएंगे। यह महाकुंभ पत्रकारों के स्वर्णिम भविष्य के लिए मील का पत्थर है।”**

## 🚙 परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी दिए बड़े संकेत

कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद परिवहन मंत्री **दयाशंकर सिंह** ने भी पत्रकारों को संबोधित करते हुए बेहद सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि मुख्य संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने जो मांगें उठाई हैं, वे पूरी तरह व्यावहारिक हैं। परिवहन विभाग पत्रकारों को यात्रा के दौरान हर संभव बड़ी राहत देने के लिए पूरी तरह तैयार है और मुख्यमंत्री जी के निर्देश मिलते ही इस पर तत्काल शासनादेश (GO) जारी कर दिया जाएगा। वहीं, सूचना आयुक्त ने भी आश्वस्त किया कि पत्रकारों को सूचनाएं प्राप्त करने में आने वाली सभी प्रशासनिक अड़चनों को दूर किया जाएगा और आरटीआई व अन्य माध्यमों से पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी।
## 🏛️ देश-विदेश से आए प्रख्यात पत्रकारों ने की प्रभात त्रिपाठी के नेतृत्व की सराहना
इस महाकुंभ की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से आए राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ संपादकों और प्रख्यात कलमकारों ने हिस्सा लिया। इन सभी दिग्गजों ने एक स्वर में कहा कि उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के कल्याण के लिए जैसा भगीरथ प्रयास मुख्य संयोजक **प्रभात त्रिपाठी** ने किया है, वैसा उदाहरण पूरे देश में कहीं देखने को नहीं मिलता। पत्रकारों ने संकल्प लिया कि यदि सरकार इन मांगों को पूरा करती है तो पत्रकारिता जगत सरकार के सकारात्मक कार्यों की सराहना करेगा, लेकिन यदि किसी स्तर पर हीलाहवाली हुई, तो यह एकजुटता आंदोलन का रूप लेने से भी पीछे नहीं हटेगी।

## 🔮 महा-निष्कर्ष: अब बड़े और क्रांतिकारी फैसलों का इंतजार!

२३ मई २०२६ की यह तारीख उत्तर प्रदेश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गई है। लखनऊ की पावन धरती से शुरू हुआ यह वैचारिक और अधिकारों का महाकुंभ अब थमने वाला नहीं है। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने अध्यक्ष शेखर पंडित की गरिमा, प्रवक्ता अनिल तिवारी व के०के० सिंह के सहयोग और सबसे बढ़कर मुख्य संयोजक **प्रभात त्रिपाठी** के सिंह जैसी दहाड़ वाले नेतृत्व में जो लकीर खींच दी है, वह अद्वितीय है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सूचना आयुक्त और खुद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा इन सभी ५ मांगों पर अपनी मुहर लगाना और सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक इसकी पैरवी करने का जिम्मा उठाना यह साफ संकेत देता है कि बहुत जल्द उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन सरकार’ पत्रकारों के लिए खजाना खोलने जा रही है। अब पूरे देश की नजरें मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ टिकी हैं, जहां से बहुत जल्द पत्रकारों के हक में एक बहुत बड़ा, ऐतिहासिक और विस्फोटक शासनादेश जारी हो सकता है!

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कृष्णानन्द शर्मा "शिवराम" 2007 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं, दैनिक जागरण,अमर उजाला, युनाइटेड भारत, स्वतंत्र भारत, सन्मार्ग जैसे हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में अपनी लेखनी के जरिए उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, समसामयिक मुद्दों पर प्रकाश डालते रहे, वर्तमान में नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क में प्रधान सम्पादक पद पर कार्यरत हैं, फिल्म सिटी नोएडा से नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क का संचालन करते हैं, जिसमें हिन्दी दैनिक समाचार पत्र, न्यूज पोर्टल, वेबसाइट,व यूट्यूब न्यूज चैनल व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहें हैं।

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