## **योगीराज में ‘बुलडोजर’ को ठेंगा: शाहगंज में लेखपाल-प्रधान की मिलीभगत से देवस्थान पर अपराधियों का अवैध साम्राज्य!**
## **मंदिर की जमीन पर कब्जा, घर में अपराधियों का डेरा: शाहगंज के सिधांई गांव में तथाकथित पुजारी का खूनी रसूख, सहमे ग्रामीण!**


# **योगी सरकार के ‘भू-माफिया मुक्त यूपी’ के दावों को ठेंगा: शाहगंज के सिधांई में देवस्थान की जमीन पर तथाकथित पुजारी का ‘अवैध साम्राज्य’, प्रशासन मौन**
**शाहगंज (जौनपुर)।**
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक तरफ भू-माफियाओं और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ ‘बुलडोजर नीति’ और ‘जीरो टॉलरेंस’ का डंका पीट रही है, वहीं दूसरी ओर जौनपुर जिले की शाहगंज तहसील के सिधांई गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जो स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यहाँ एक देवस्थान (मंदिर) की पवित्र भूमि पर तथाकथित पुजारी द्वारा न सिर्फ कब्जा किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय राजस्व और ग्राम सभा के जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से अवैध निर्माण कार्य भी धड़ल्ले से जारी है। इस मामले ने पूरे गांव में तनाव और भय का माहौल पैदा कर दिया है।
### **राजस्व कर्मियों की ‘रहस्यमयी’ खामोशी: देवस्थान पर पक्का निर्माण**
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सिधांई गांव में स्थित प्राचीन देवस्थान की जमीन पर तथाकथित पुजारी सुरेश तिवारी द्वारा लंबे समय से अतिक्रमण किया जा रहा है। मौके पर मंदिर की जमीन पर उपली (कंडे) और अवैध रूप से बनाया गया पक्का मकान साफ देखा जा सकता है। हद तो तब हो गई जब वर्तमान ग्राम प्रधान और क्षेत्र के लेखपाल की कथित सरपरस्ती में इस अवैध पक्के मकान के ऊपर दूसरी मंजिल (ऊपरी तल) का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया। सार्वजनिक और धार्मिक प्रकृति की भूमि पर हो रहे इस खुलेआम निर्माण ने शाहगंज तहसील प्रशासन की भूमिका को पूरी तरह से संदेह के घेरे में ला दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद लेखपाल और स्थानीय तंत्र ने आंखें मूंद रखी हैं।
### **अपराधिक इतिहास से थर्राता है गांव: जेल में बंद हैं बेटे और भतीजे**
इस पूरे मामले का सबसे स्याह पहलू यह है कि तथाकथित पुजारी सुरेश तिवारी व भाई दिनेश चन्द तिवारी का परिवार गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है, जिसके कारण गांव का कोई भी सीधा-साधा नागरिक खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
* **संगम लाल तिवारी (पुजारी का दूसरा पुत्र):** साल 2021 में शाहगंज कोतवाली पुलिस द्वारा बलात्कार जैसे संगीन आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
* **अम्बेस उर्फ राज तिवारी (पुजारी का भतीजा):** इस शातिर आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में वह सुल्तानपुर सदर कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद सुल्तानपुर जिला जेल में बंद है।
* **सूरज तिवारी (पुजारी का बड़ा पुत्र):** ग्रामीणों के अनुसार, सूरज तिवारी भी लगातार कई संदिग्ध और असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त रहता है।
> **खौफ का साया:** “जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और देवस्थान पर बैठने वाले का परिवार ही अपराधियों का गढ़ बन जाए, तो न्याय की गुहार किससे लगाई जाए?” — **नाम न छापने की शर्त पर एक भयभीत ग्रामीण**
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### **ठक-ठोलिया’ गैंग के अपराधियों की शरणस्थली बना देवस्थान?**
मामला सिर्फ जमीन कब्जे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। बताया जा रहा है कि इलाके के कुख्यात ‘ठक-ठोलिया यादव’ गिरोह के अपराधी किस्म के लोगों का इस तथाकथित पुजारी के ठिकाने पर नियमित आना-जाना है। अभी महज एक माह पूर्व ही शाहगंज कोतवाली पुलिस ने एक बड़े और संगीन अपराध में संलिप्त ठक-ठोलिया गैंग के कई बदमाशों को गिरफ्तार कर जौनपुर कारागार भेजा था। ऐसे खूंखार अपराधियों के साथ पुजारी परिवार के सीधे संबंध होने के कारण सिधांई गांव के लोग गहरे खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।
### **प्रशासनिक साठगांठ और ‘एंटी-भूमाफिया’ दावों की हवा**
एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा न जाए, वहीं शाहगंज तहसील और पुलिस प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली इस वादे की हवा निकाल रही है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून को जेब में रखकर मंदिर की जमीन पर निर्माण करा रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि इस मामले के उजागर होने के बाद जौनपुर के उच्च अधिकारी (जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक) संज्ञान लेते हैं या फिर सिधांई गांव का यह देवस्थान इसी तरह भू-माफियाओं और अपराधियों की साठगांठ की भेंट चढ़ा रहेगा।