*नंबर वही, नेटवर्क सरकारी: यूपी सचिवालय के सभी CUG नंबर अब BSNL में होंगे पोर्ट**
*यूपी सचिवालय का बड़ा फैसला: बंद होगा वोडाफोन, BSNL नेटवर्क पर शिफ्ट होंगे सभी CUG नंबर**

**लखनऊ | 2 जून, 2026** **राज्य ब्यूरो (विशेष प्रशासनिक समाचार)**
**उत्तर प्रदेश शासन** ने सचिवालय प्रशासन में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। सचिवालय के सभी समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवंटित क्लोज्ड यूजर ग्रुप (CUG) मोबाइल नंबरों को अब निजी टेलीकॉम ऑपरेटर ‘वोडाफोन आइडिया लिमिटेड’ से हटाकर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी **’भारत संचार निगम लिमिटेड’ (BSNL)** के नेटवर्क पर स्थानांतरित (पोर्ट) किया जाएगा।
सचिवालय प्रशासन विभाग (टेलीफोन प्रकोष्ठ) द्वारा आज, 2 जून 2026 को जारी आधिकारिक कार्यालय-ज्ञाप के अनुसार, उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुक्रम में यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की जा रही है। इस निर्णय की सबसे खास बात यह है कि **नेटवर्क बदलने के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के वर्तमान मोबाइल नंबर यथावत बने रहेंगे**, जिससे प्रशासनिक संवाद में कोई व्यवधान नहीं आएगा।
* **नंबर रहेंगे यथावत:** अधिकारियों और कर्मचारियों के वर्तमान सीयूजी नंबर बदले नहीं जाएंगे, केवल उनका नेटवर्क वोडाफोन-आइडिया से बीएसएनएल में बदला जाएगा।
* **सचिवालय में लगेंगे विशेष कैंप:** भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) जल्द ही सचिवालय परिसरों और भवनों में विशेष कैंप लगाकर पोर्टिंग की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करेगा।
* **नए सिम का वितरण निरस्त:** चूंकि पुराने नंबरों को ही पोर्ट किया जाना है, इसलिए टेलीफोन प्रकोष्ठ से नए सिम प्राप्त करने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
* **सिम वापसी के सख्त निर्देश:** जिन शाखाओं या अनुभागों ने हाल ही में नए सीयूजी सिम/नंबर प्राप्त किए थे, उन्हें आज ही अनिवार्य रूप से वापस जमा कराने को कहा गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए सचिवालय प्रशासन ने सभी अनुभाग अधिकारियों, शाखा अधिष्ठानों, लेखा अधिकारियों, मुख्य सुरक्षा अधिकारी तथा मुख्य स्वागत अधिकारी को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। शासन स्तर पर इस निर्णय को सरकारी सेवाओं में स्वदेशी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बढ़ावा देने तथा प्रशासनिक संचार को अधिक सुरक्षित बनाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
यह आदेश विशेष सचिव विनोद कुमार द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित कर जारी किया गया है, जिसकी प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री के निजी सचिव, प्रमुख सचिव तथा अन्य संबंधित उच्चाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है।
