*जौनपुर विकास भवन में महिला DDO मीनाक्षी देवी का खौफ: ट्रांसफर नियमों की उड़ी धज्जियां*
*मीडिया से दूरी और मनमाने फरमान: जौनपुर में DDO की कार्यशैली पर उठे सवाल*

जौनपुर की महिला डीडीओ के आतंक से कांप रहे हैं विकास भवन के अफसर , कर्मचारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश को भी ताक पर रखने को देती हैं चुनौती
ट्रांसफर पोस्टिंग में नियम कानून की पूरी तरह से उड़ाई जा रही है धज्जी
जौनपुर। विकास भवन जौनपुर के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी से लेकर कर्मचारी अपने ही महकमें के एक महिला अधिकारी के आतंक से त्रस्त हो गए हैं।
हालत यह हो गई है कि इस महिला अधिकारी के नाम पर न कोई जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है ।
न ही कोई उनके सामने उपस्थित होने के लिए।
हर किसी के मन में पूरी तरह से भयानक डर बना रहता है कि
कब किसके खिलाफ यह अधिकारी अजब गजब फरमान जारी कर दे।
जी हां हम बात कर रहे हैं जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी की।
जनपद जौनपुर में कार्यभार ग्रहण करते ही उनके आतंक का सिलसिला क्रमवार शुरू हो गया।
इस अधिकारी की कार्यशैली एवं पक्षपात पूर्ण औचित्य हीन कार्रवाई लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है प्रत्येक विकास खण्डों से लेकर विकास भवन तक उनकी कार्यशैली से विकास विभाग के कर्मचारी बहुत आहत दिख रहे हैं।
ग्राम विकास अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में नियम कानून को नजर अंदाज करते हुए जिस तरह का आदेश पारित किया गया है उससे विभाग में खलबली मची हुई है ।
जानकार बताते हैं कि विकास भवन में दूर-दराज से आए जनप्रतिनिधियों चिकित्सकों अधिकारियों पत्रकारों और पीड़ित फरियादियों की फरियाद सुनने के लिए यूं तो अनेकों पटल है लेकिन फरियाद सुनाने के नाम पर उन्हें बैठने तक का स्थान नहीं दिया जाता है।
यह है योगीराज में बड़े अधिकारियों की कड़वी सच्चाई जिससे विभागीय कार्यों की पारदर्शिता खुलकर सामने आने लगी है और सरकारी नियम कानून की निरंतर धज्जियां उड़ाते दिखाई पड़ रही है ।
ऐसे में विकास की कहानी गढ़ने वाले विभाग पर भी अंगुली उठने लगी है जिससे सरकार की किरकिरी होना लाजिमी है ।
वैसे इस पूरे मामले में जिला विकास अधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन करके उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला।
*ऐसा क्यों?*
मीडिया का नाम सुनते भड़क जाती हैं मैडम
जौनपुर। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि मीडिया से मधुर संबंध बनाया जाए, सरकार की योजनाओं को अच्छे तरीके से प्रचार प्रसार किया जाए।
लेकिन विकास भवन की इस महिला अधिकारी मीनाक्षी देवी के सामने अगर कोई मीडिया का नाम लेता है अथवा मीडिया का व्यक्ति दिख जाता है तो वह पूरी तरह से आग बबूला हो जाती है । फजीहत तो उस कर्मचारियों की हो जाती है जिनके यहां अगर वह पत्रकार कोई सूचना लेने के लिए बैठता है।
