## **राजधानी लखनऊ में नेक्सा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का महा-खुलासा: एम्बुलेंस ड्राइवरों को मोटा कमीशन और मरीजों को नकली दवाएं; कब गरजेगा बुल्डोजर?**
## **मल्हौर में 'मौत का हॉस्पिटल': बिना लाइसेंस और NOC के चल रहा आरिफ और 'प्रधान' का कंसाई साम्राज्य!**




# **महा-खुलासा: लखनऊ का ‘नेक्सा हॉस्पिटल’ या गरीबों को लूटने का ‘डेथ ट्रैप’? स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे चल रहा बिना लाइसेंस का ‘कंसाई साम्राज्य’!**
### **मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़: आरिफ वकार और ‘प्रधान’ का सनसनीखेज सिंडिकेट; एम्बुलेंस ड्राइवरों को कट-मनी और नकली दवाओं के सिंडिकेट से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य**
**विशेष खोजी रिपोर्ट- विनीत कुमार पाठक**
*लखनऊ*राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के मल्हौर मार्केट स्थित आर०बी०टावर में संचालित हो रहा नेक्सा सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल इस वक्त मेडिकल माफियागिरी का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। ‘सुपर मल्टीस्पेशलिटी’ के चमचमाते बोर्ड के पीछे जो घिनौना सच छिपा है, उसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। प्रशासनिक उदासीनता का फायदा उठाकर **आरिफ वकार** और **नासिर बेग उर्फ ‘प्रधान’** नाम के दो कथित सिंडिकेट किंगपिन यहाँ बिना किसी वैध पंजीकरण (सीएमओ लाइसेंस) और बिना फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (Fire NOC) के मौत का एक ऐसा ‘कंसाई खेल’ खेल रहे हैं, जो सीधे तौर पर कानून और मानवता को चुनौती है।
## 🔥 **गिद्धों की तरह फैला है ‘एम्बुलेंस ड्राइवरों’ का जाल**
इस तथाकथित अस्पताल में इलाज के नाम पर पैर रखते ही मरीजों की जेब पर डाका डालना शुरू हो जाता है। सूत्रों ने इस काले धंधे की जो कार्यप्रणाली (Modus Operandi) उजागर की है, वह बेहद चौंकाने वाली है:
* **सड़क पर ही तय हो जाता है मरीज का सौदा:** ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों (जैसे बाराबंकी, सीतापुर, और बहराइच) से आने वाले सीधे-साधे और अनपढ़ मरीजों को निशाना बनाया जाता है।
* **दलाली का फिक्स नेटवर्क:** बड़े अस्पतालों के बाहर खड़े रहने वाले प्राइवेट एम्बुलेंस ड्राइवरों को आरिफ वकार और नासिर बेग द्वारा **’मोटा कमीशन’** एडवांस में फिक्स किया गया है। मरीज की हालत जितनी गंभीर, ड्राइवर का कमीशन उतना ही ज्यादा!
* **गुमराह कर ‘नेक्सा’ में लैंडिंग:** एम्बुलेंस ड्राइवर सरकारी अस्पतालों में बेड न होने या वहां खराब इलाज होने का डर दिखाकर सीधे मरीज को इस अवैध ‘नेक्सा हॉस्पिटल’ के आईसीयू में झोंक देते हैं।
## 💊 **सनसनीखेज: क्या यहाँ मरीजों को दी जा रही हैं नकली दवाएं?**
अस्पताल के अंदरूनी सूत्रों से मिली सबसे विस्फोटक जानकारी इसकी फार्मेसी को लेकर है। विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि इस अस्पताल के भीतर **अवैध रूप से बड़े पैमाने पर नकली (Duplicate) और एक्सपायर्ड सॉल्ट वाली दवाओं का री-पैकेजिंग सिंडिकेट** काम कर रहा है।
> **खौफनाक सच:** गरीब और लाचार मरीजों को ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर जीवन रक्षक दवाओं के रूप में घटिया और नकली दवाएं दी जा रही हैं। तीमारदारों से लाखों रुपए के बिल वसूले जाते हैं, लेकिन बदले में मरीजों को केवल मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। यहाँ भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों का आर्थिक और मानसिक शोषण इस हद तक किया जाता है कि वे कर्ज के दलदल में डूब जाते हैं।
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## 🚨 **कानून को ठेंगा: बिना Fire NOC के दहकते बारूद पर अस्पताल!**
अस्पताल में न तो इमरजेंसी एग्जिट है और न ही अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। बिना फायर एनओसी (Fire NOC) के इस बहुमंजिला इमारत में सैकड़ों मरीजों को भर्ती रखना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है। अगर खुदा-न-खास्ता यहाँ कोई शॉर्ट सर्किट या अग्निकांड होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
## 📢 **जनता की हुंकार: कब गरजेगा योगी सरकार का बुल्डोजर?**
उत्तर प्रदेश में जहां एक तरफ अवैध कब्जों और माफियाओं पर सरकार का सख्त चाबुक चल रहा है, वहीं लखनऊ के मल्हौर में आरिफ वकार और नासिर बेग उर्फ ‘प्रधान’ का यह अवैध साम्राज्य स्वास्थ्य विभाग की साख पर बट्टा लगा रहा है।
**जनहित में हमारी मांग और खोजी सवाल:**
1. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) लखनऊ इस ‘फर्जी नेक्सा अस्पताल’ को तत्काल **सील** क्यों नहीं कर रहे?
2. ड्रग कंट्रोलर की टीम इस अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर नकली दवाओं के जखीरे को जब्त कब करेगी?
3. मासूम ग्रामीणों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इन दोनों मुख्य आरोपियों पर **गैंगस्टर एक्ट** के तहत कार्रवाई कब होगी?
*गरीबों के खून-पसीने की कमाई पर पलने वाले इस ‘फर्जी नेक्सा अस्पताल’ पर जब तक ताला नहीं लटकता, तब तक राजधानी के स्वास्थ्य महकमे पर सवाल उठते रहेंगे।*
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