**सॉफ्टवेयर इंजीनियर का राष्ट्रीय मंच पर डंका: नागपुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में लगातार दूसरे साल शामिल हुए अरविंद भट्ट!**
**सुलतानपुर की माटी का गौरव: नागपुर यूनिवर्सिटी के सिलेबस में गूंजा सॉफ्टवेयर इंजीनियर अरविंद भट्ट का नाम!**

*# सॉफ्टवेयर इंजीनियर की साहित्यिक हुंकार: नागपुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में लगातार दूसरे साल चमके कादीपुर के अरविंद भट्ट*
**सुलतानपुर (कादीपुर)।**
तकनीक और साहित्य का अनूठा संगम देखना हो, तो जनपद के कादीपुर तहसील के ग्राम जफरपुर निवासी अरविंद भट्ट इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं। नोएडा की एक जानी-मानी बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कार्यरत अरविंद भट्ट ने एक बार फिर अपनी लेखनी का लोहा मनवाते हुए समूचे उत्तर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने उनके एक विशेष आलेख को अपने स्नातक पाठ्यक्रम में शामिल किया है।
विश्वविद्यालय के स्नातक वाणिज्य (बी.कॉम) के द्वितीय वर्ष के हिंदी पाठ्यक्रम की पुस्तक **’रश्मिका भाग-2’** में अरविंद भट्ट का **’कंप्यूटर और हिंदी भाषा’** शीर्षक वाला आलेख शामिल किया गया है। यह आलेख आज के डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित हो रहा है। विशेष बात यह है कि विदर्भ क्षेत्र के सभी संबद्ध महाविद्यालयों में इसी पाठ्यक्रम के तहत छात्र इसे पढ़ रहे हैं।
*### लगातार दूसरे वर्ष भी इतिहास दोहराया*
अरविंद भट्ट की यह कामयाबी कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि उनकी निरंतर साहित्यिक साधना का परिणाम है। पिछले वर्ष भी विश्वविद्यालय ने उनकी बेहद चर्चित कविता **’10 रुपये’** को स्नातक के पाठ्यक्रम की पुस्तक **’स्पंदन भाग-1’** में जगह दी थी। एक तकनीकी पेशेवर होने के बावजूद हिंदी साहित्य में इतनी गहरी पैठ रखना और लगातार दो वर्षों तक विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनना एक असाधारण उपलब्धि है। अरविंद अब तक आधा दर्जन से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं।
> **”अरविंद की यह सफलता तकनीक और कला के अद्भुत समन्वय का परिणाम है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम में अपनी जगह बनाना कादीपुर और पूरे सुलतानपुर के लिए ऐतिहासिक गौरव का विषय है।”**
> *— डॉ. करुणेश प्रकाश भट्ट, असिस्टेंट प्रोफेसर (संत तुलसीदास पीजी कॉलेज)*
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### जनपद सहित साहित्यिक जगत में हर्ष की लहर
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सूचना मिलते ही सुलतानपुर और साहित्यिक गलियारों में बधाई देने वालों का तांता लग गया है। संत तुलसीदास पीजी कॉलेज कादीपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. करुणेश प्रकाश भट्ट, वरिष्ठ साहित्यकार मथुरा प्रसाद सिंह ‘जटायु’, डॉ. ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह ‘रवि’, डॉ. सुशील कुमार पांडेय, लाल बहादुर पांडेय तथा डॉ. शोभनाथ शुक्ल समेत क्षेत्र के तमाम बुद्धिजीवियों ने इसे क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
इस ऐतिहासिक पल पर लखनऊ में रह रहे अरविंद के पिता ओम प्रकाश भट्ट और माता मनोरमा देवी ने भी अपने लाडले की इस स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया है।
### समाचार की खास बातें (News Highlights):
* **बड़ी उपलब्धि:** नागपुर विश्वविद्यालय के बी.कॉम के पाठ्यक्रम में शामिल हुआ आलेख ‘कंप्यूटर और हिंदी भाषा’।
* **दोहरा गौरव:** पिछले साल भी ’10 रुपये’ नाम की कविता पाठ्यक्रम का हिस्सा बनी थी।
* **अनोखी पहचान:** पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर (नोएडा) और दिल से प्रख्यात साहित्यकार हैं अरविंद।
* **मूल निवास:** सुलतानपुर जिले की कादीपुर तहसील का जफरपुर गांव।
