**वर्दीधारी 'किडनैपर': लखनऊ में दरोगा ने कंडक्टर को सरेआम अगवा कर पुलिस लाइन में वसूली रंगदारी!**
# **खाकी का गुंडाराज! पजेरो से आए दरोगा-वकीलों ने कंडक्टर को उठाया, ₹17,000 की ऑनलाइन डकैती**


# **खाकी का ‘गुंडाराज’: लखनऊ में सरेआम बस कंडक्टर का अपहरण, पुलिस लाइन में बंधक बनाकर वसूली ₹17,000 की रंगदारी!**
**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून-व्यवस्था के चिथड़े उड़ाने वाली एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने खाकी की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है। आरोप है कि एक तथाकथित दरोगा अख्तर बेग ने वर्दी के रसूख और पद का दुरुपयोग करते हुए अपने कुछ कथित वकील साथियों और मनबढ़ गुंडों के साथ मिलकर सरेआम गुंडागर्दी का नंगा नाच खेला। दबंगों ने क्लार्क अवध लखनऊ के पास खड़ी एक बस के कंडक्टर को फिल्मी स्टाइल में सरेआम अगवा कर लिया और सीधे पुलिस लाइन ले जाकर बंधक बना लिया। इसके बाद जो हुआ, वह योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को खुली चुनौती है—पीड़ित को तभी छोड़ा गया, जब दरोगा के खाते में ₹17,000 की ऑनलाइन रंगदारी ट्रांसफर की गई!
### **पजेरो से आए ‘वर्दीवाले गुंडे’, अर्धनग्न हालत में कंडक्टर को ठूंसा**
जानकारी के मुताबिक, यह पूरी वारदात कश्मीरी मोहल्ला क्षेत्र और क्लार्क अवध के पास की है। शोएब नामक शख्स की बस वहां खड़ी थी, जिसमें उसका कंडक्टर सिर्फ तौलिया और कच्छा पहने आराम कर रहा था। तभी अचानक दरोगा अख्तर बेग अपनी लग्जरी पजेरो गाड़ी से कुछ वकीलों और गुर्गों के साथ वहां धमकता है। कानून के रक्षक ही भक्षक बन चुके थे; दबंगों ने आव देखा न ताव, मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए कंडक्टर को उसी अर्धनग्न हालत में जबरन गाड़ी में ठूंस लिया और अगवा कर सीधे पुलिस लाइन (ग्राउंड) ले गए।
### **दबंग दरोगा की बदतमीजी, फोन पर दी गालियां**
जब इस दुस्साहसिक अपहरण की भनक बस मालिक शोएब और अली राजा (राजू) को लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत मामले में बीच-बचाव करने और अपने बेकसूर कर्मचारी को छुड़ाने की कोशिश की। राजू ने फोन पर दरोगा अख्तर बेग से बात कर मामले को समझने का प्रयास किया, लेकिन सत्ता और रसूख के नशे में चूर दरोगा ने एक न सुनी। आरोप है कि दरोगा ने फोन पर ही गाली-गलौज की बौछार कर दी और बेहद बदतमीजी करते हुए सीधे बात करने से मना कर दिया।
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“पुलिस लाइन के भीतर सरेआम बंधक बनाकर रंगदारी वसूलने का यह दुस्साहस सीधे तौर पर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के भयमुक्त समाज के दावों को ठेंगा दिखाना है।”
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### **सरकारी ‘कसाईखाना’ बनी पुलिस लाइन! ऑनलाइन ट्रांसफर हुए ₹17,000**
हैरत की बात यह है कि सुरक्षित मानी जाने वाली पुलिस लाइन के भीतर कंडक्टर को बंधक बनाकर डराया-धमकाया गया। बस का नंबर कटने (रूट बंद होने) और जान-माल के खतरे को देखते हुए आखिरकार पीड़ित पक्ष घुटनों पर आ गया। जब बस मालिक शोएब ने दरोगा के बताए खाते में जबरन मांगे गए ₹17,000 ऑनलाइन ट्रांसफर किए, तब जाकर कहीं इस खाकीधारी ‘अपहरणकर्ता’ ने कंडक्टर को मुक्त किया।
### **अनुकंपा पर मिली नौकरी, अब संपत्ति की जांच और FIR की मांग**
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी दरोगा अख्तर बेग को पिता की मृत्यु के बाद आश्रित कोटे से अनुकंपा पर यह नौकरी मिली थी। वर्तमान में वह ऑन-ड्यूटी है या सस्पेंड चल रहा है, विभाग अब इसकी कुंडली खंगाल रहा है। इस विस्फोटक वारदात के बाद पीड़ित पक्ष ने दरोगा की फोटो, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट और पुख्ता सबूतों के साथ पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है।
पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि इस तथाकथित दारोगा और उसके आरोपी अधिवक्ता साथियों के खिलाफ **अपहरण (Sec 365), अवैध वसूली (Sec 384) और जान से मारने की धमकी (Sec 506)** जैसी गंभीर धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही, इन भ्रष्ट आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित की गई **सम्पत्ति की गहन जांच** कराकर विभागीय बर्खास्तगी और बुलडोजर वाली सख्त कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि लखनऊ पुलिस प्रशासन और सरकार की ‘एंटी करप्शन’ विंग अपने ही महकमे के इस ‘वर्दीवाले डकैत’ पर क्या कड़ा एक्शन लेती है।