E-Paperhttps://navbharatdarpan.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedक्राइमखेलछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियादेशधर्मपंजाबबिहारबॉलीवुडमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रयुवायूपीराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़

छलनीति: लोकतंत्र की मर्यादा पर सत्ता का क्रूर प्रहार

पन्ना प्रमुख और चुनाव आयोग की चक्की में पिसता और कराहता लोकतंत्र


*छलनीति: लोकतंत्र की मर्यादा या सत्ता का क्रूर प्रहार?*

*बीजेपी का ‘प्लान A, B और C’ – एक विस्फोटक विश्लेषण*

लेखक: कृष्णानन्द शर्मा (सम्पादक, नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क)

भारतीय राजनीति के वर्तमान परिदृश्य में सत्ता का समीकरण केवल जनसेवा या विचारधारा तक सीमित नहीं रह गया है। आज के युग में चुनावी समर एक ऐसी ‘शतरंज’ बन चुका है जहाँ नैतिकता के मोहरे अक्सर गायब मिलते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी मशीनरी जिस चतुराई और आक्रामकता से कार्य कर रही है, उसे कई विश्लेषक लोकतंत्र पर एक ‘डिजिटल और रणनीतिक न्यूक्लियर अटैक’ के रूप में देख रहे हैं।
यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि सत्ता हथियाने की एक ऐसी त्रिस्तरीय ‘छलनीति’ है, जिसे समझना विपक्ष और जागरूक नागरिकों के लिए अनिवार्य है। आइए, भाजपा के उस ‘त्रिशूल’ का विश्लेषण करें जिसके वार से विपक्षी किले ढहते जा रहे हैं।

*प्लान ए (Plan A): मतदाता सूची का सूक्ष्म प्रबंधन*

(Micro-Management)
भाजपा की जीत की नींव मतदान के दिन नहीं, बल्कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान ही रख दी जाती है। पन्ना प्रमुखों की एक विशाल सेना के जरिए बूथ स्तर पर डेटा का संकलन किया जाता है।

* मतों की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: पन्ना प्रमुखों के आकलन के आधार पर उन क्षेत्रों को चिह्नित किया जाता है जहाँ विपक्षी दलों का जनाधार मजबूत है। वहां से संदिग्ध तरीके से नाम कटवाना या उन्हें मतदाता सूची से बाहर करना इस रणनीति का मुख्य हिस्सा माना जाता है।

* डेमोग्राफिक फेरबदल: अन्य प्रदेशों के समर्थकों का नाम स्थानीय मतदाता सूची में जुड़वाकर पार्टी अपने पक्ष में सुरक्षित ‘वोट बैंक’ तैयार करती है। यह रणनीति गणितीय रूप से चुनाव होने से पहले ही परिणाम को भाजपा के पक्ष में मोड़ने की क्षमता रखती है।

*प्लान बी (Plan B): तकनीक और तंत्र का विवादास्पद प्रयोग*

लोकतंत्र का सबसे बड़ा आधार ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव’ है, लेकिन ईवीएम (EVM) को लेकर उठने वाले सवाल अब केवल आशंकाएं नहीं, बल्कि गहरी चिंताओं का विषय बन चुके हैं।

* ईवीएम का जादुई खेल: आरोप लगते रहे हैं कि चुनाव आयोग के कुछ तत्वों की कथित मिलीभगत से मशीनों के क्रमांक और उनकी आवाजाही में ऐसी हेराफेरी की जाती है जो आम पर्यवेक्षक की पकड़ से बाहर होती है।

* क्रमांक का ‘क्लोनिंग’: बड़े शातिराना अंदाज में मशीनों को बदलने या उनके काउंटिंग पैटर्न को प्रभावित करने की खबरें अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं। जब तकनीक और सत्ता का गठजोड़ हो जाए, तो जनमत को ‘मैनेज’ करना कोई असंभव कार्य नहीं रह जाता।

*प्लान सी (Plan C): धनबल*

ब्लैकमेल और ‘साम-दाम-दंड-भेद’
यदि जनता का मूड बदल जाए और प्लान ए व बी विफल होते दिखें, तब भाजपा अपना सबसे घातक ‘ब्रह्मास्त्र’ निकालती है।

* राजनीतिक मंडी: विपक्षी दलों को बहुमत मिलने की स्थिति में या उसके करीब होने पर, विधायकों और सांसदों की ‘खरीद-फरोख्त’ का दौर शुरू होता है। धनबल का ऐसा प्रदर्शन किया जाता है कि जनमत का अपहरण हो जाता है।

* जांच एजेंसियों का दबाव: जो नेता धन से नहीं टूटते, उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए ‘ब्लैकमेल’ कर पाला बदलने पर मजबूर किया जाता है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक इसके जीवंत उदाहरण हैं।

*निष्कर्ष: क्या यह ‘जायज’ है?*

भाजपा इन तीनों प्लान्स (A, B और C) का प्रयोग एक साथ, एक ही समय पर करती है। वह किसी एक प्लान के फेल होने का इंतजार नहीं करती। आधुनिक राजनीति में ‘साम, दाम, दंड, भेद’ के सभी हथकंडे अपनाना शायद एक दल के लिए सत्ता पाने का जरिया हो सकता है, लेकिन क्या यह संविधान की आत्मा के साथ खिलवाड़ नहीं है?

आज विपक्षी दलों को केवल रैलियों और भाषणों पर निर्भर रहने के बजाय भाजपा की इस सूक्ष्म और आक्रामक ‘छलनीति’ का काट ढूंढना होगा। यदि विपक्ष ने इन रणनीतिक अस्त्र-शस्त्रों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो भविष्य में ‘चुनाव’ केवल एक औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह जाएंगे और लोकतंत्र का ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा।-कृष्णानन्द शर्मा
*सम्पादक, नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क*

NAV BHARAT DARPAN

कृष्णानन्द शर्मा "शिवराम" 2007 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं, दैनिक जागरण,अमर उजाला, युनाइटेड भारत, स्वतंत्र भारत, सन्मार्ग जैसे हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में अपनी लेखनी के जरिए उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, समसामयिक मुद्दों पर प्रकाश डालते रहे, वर्तमान में नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क में प्रधान सम्पादक पद पर कार्यरत हैं, फिल्म सिटी नोएडा से नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क का संचालन करते हैं, जिसमें हिन्दी दैनिक समाचार पत्र, न्यूज पोर्टल, वेबसाइट,व यूट्यूब न्यूज चैनल व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहें हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!