## ⚖️ *मछलीशहर में विधिक शिविर: आपसी समझौते और लोक अदालत से त्वरित न्याय पर जोर*
## 📢 *कानूनी साक्षरता अभियान: ग्रामीणों को मिली 'टेली-लॉ' और कैदियों के अधिकारों की जानकारियां*


**मछलीशहर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन: सुलह-समझौते और लोक अदालत से मुकदमों के त्वरित निस्तारण पर जोर**
**जौनपुर, 10 जुलाई 2026 (सूचना विभाग):**
जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार शशि के कुशल निर्देशन तथा पूर्णकालिक सचिव सुशील कुमार सिंह की देख-रेख में आज मछलीशहर विकासखंड में एक भव्य विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सुलभ न्याय प्रणाली से परिचित कराना था।
### ⚖️ *लोक अदालत और सुलह-समझौते से मिलेगा त्वरित न्याय*
शिविर को संबोधित करते हुए सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्राधिकरण के जनकल्याणकारी कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने मुकदमों को लंबे समय तक खींचने के बजाय आपसी सुलह-समझौते और **राष्ट्रीय लोक अदालत** के माध्यम से निस्तारित कराएं।
सचिव महोदय ने समाज में अनुशासन के महत्व को रेखांकित किया और लोगों को अपने अधिकारों का दुरुपयोग न करने के प्रति सचेत भी किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनपद का कोई भी पीड़ित व्यक्ति न्याय व सहायता के लिए किसी भी समय प्राधिकरण का दरवाजा खटखटा सकता है।
### 📅 *आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्वपूर्ण तिथियां
शिविर के दौरान नागरिकों को आगामी लोक अदालतों के बारे में जागरूक किया गया और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया:*
* **18 जुलाई 2026:** धारा 138 एन.आई. एक्ट (चेक बाउंस मामले) के लिए विशेष राष्ट्रीय लोक अदालत।
* **22, 23 और 24 अगस्त 2026:** माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के स्तर पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत।
### 📜 कैदियों के अधिकार और विधिक राहत पर विस्तृत चर्चा
डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल **डॉ. दिलीप कुमार सिंह** ने जेल में निरुद्ध कैदियों के मानवाधिकारों पर महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी साझा की। उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसलों (*बच्ची देवी बनाम स्टेट* और *सतेंद्र आंटील वाद*) का हवाला देते हुए बताया:
> “यदि कोई बंदी जेल में है और उसे जमानत मिल चुकी है, लेकिन खराब सामाजिक-आर्थिक स्थिति के कारण वह जमानतदार (Surety) पेश करने में असमर्थ है, तो वह व्यक्तिगत बंध पत्र (Personal Bond) पर आवेदन दे सकता है। संबंधित न्यायालय द्वारा उसे 30 दिनों के लिए अस्थायी रिहाई दी जाएगी, ताकि वह इस अवधि में अपने जमानतदार की व्यवस्था कर सके।”
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इसके साथ ही उन्होंने प्री-लिटिगेशन केंद्र, फ्रंट लीगल ऑफिस और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) की भूमिका के बारे में भी विस्तार से समझाया।
### 📞 टेली-लॉ और श्रम कानूनों की दी गई जानकारी
* **पारिवारिक मामले और हेल्पलाइन:** काउंसलर **श्री देवेंद्र कुमार यादव** ने पारिवारिक विवादों के निपटारे में प्राधिकरण की भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने न्याय विभाग द्वारा संचालित **’टेली-लॉ’ (Tele-Law)** योजना की जानकारी देते हुए **हेल्पलाइन नंबर 15100** के महत्व को समझाया।
* **श्रम कानून:** श्रम प्रवर्तन अधिकारी **दीपक गौतम** ने उपस्थित ग्रामीणों और श्रमिकों को उनके अधिकारों व कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताते हुए श्रम कानूनों का अधिकतम लाभ उठाने की बात कही।
### 👥 *गरिमामयी उपस्थिति*
कार्यक्रम के अंत में ग्राम प्रधान **महाजन अली** ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। इस विधिक शिविर में डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल देवेंद्र कुमार यादव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी दीपक गौतम, एक्शन एनजीओ के प्रतिनिधि, मछलीशहर थाने के उप-निरीक्षक मोहम्मद अहमद खान सहित भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं और ग्रामवासी उपस्थित रहे।