# **यूपी विधानसभा में 'कामरान एंड कंपनी' का महाविस्फोट: वरिष्ठ पत्रकार की आड़ में दलाली का बड़ा अड्डा बेनक़ाब!**
# **विधानसभा प्रेस रूम में 'कामरान सिंडिकेट' का कब्ज़ा: कथित पत्रकार अनिल तिवारी का ट्रांसफर-पोस्टिंग खेल, सुरक्षा फेल!**




# **यूपी विधानसभा में ‘दलाली सिंडिकेट’ का महाविस्फोट: ‘मोहम्मद कामरान के गुर्गे’ अनिल तिवारी और बिना पास वाली ‘कामरान एंड कंपनी’ ने प्रेस रूम को बनाया अवैध वसूली का अड्डा, सुरक्षा एजेंसियां मौन!**
**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश की सत्ता के सबसे बड़े केंद्र यानी विधानसभा परिसर से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और विस्फोटक खबर सामने आ रही है। लोकतंत्र के जिस पावन मंदिर के ‘मीडिया सेंटर’ (प्रेस रूम) को पत्रकारों के लिए आरक्षित किया गया था, उस पर अब एक शातिर और रसूखदार सिंडिकेट ने पूरी तरह से अपना कब्जा जमा लिया है। इस पूरे काले साम्राज्य के केंद्र में एक ही नाम सबसे प्रमुखता से उभरकर सामने आ रहा है—**मोहम्मद कामरान का खास गुर्गा, अनिल तिवारी!**
लोकभवन से सुरक्षा एजेंसियों के डंडे के जोर पर खदेड़े जाने के बाद, अनिल तिवारी और उसकी मंडली ने अब विधानसभा प्रेस रूम को **”दलाली और ऐशगाह का नया मठ”** बना लिया है।
### **बड़ा पर्दाफाश: ‘वरिष्ठ पत्रकार’ के संरक्षण में पल रही है बिना पास वाली ‘कामरान एंड कंपनी’!**
पुख्ता सूत्रों और अंदरखाने से मिली जानकारी के मुताबिक, विधानसभा प्रेस रूम में वहां ‘पीठ’ पर स्थापित और दिनभर जमे रहने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार के खुले संरक्षण में अब ऐसे तथाकथित पत्रकार पल रहे हैं, जो सीधे तौर पर **’कामरान एंड कंपनी’** के लोग हैं।
* **न मान्यता, न पास… फिर भी भौकाल:** इस सिंडिकेट में एक ऐसा पत्रकार भी शामिल है जो खुद को ‘वरिष्ठ’ बताता है, लेकिन हकीकत यह है कि उसके पास न तो कोई वैध मान्यता है और न ही विधानसभा का पास!
* **दलालों की फौज और ट्रांसफर का खेल:** यह कथित वरिष्ठ पत्रकार रोज अपने साथ कई बाहरी दलालों को लेकर सीधे प्रेस रूम के भीतर घुस जाता है और पूरे कक्ष का इस्तेमाल अपनी निजी दलाली के लिए करता है।
* **सरकारी ट्रांसफर वाले लोगों का जमावड़ा:** इस सिंडिकेट के निशाने पर दिनभर ऐसे तत्व और लोग होते हैं जो सरकारी विभागों में **’ट्रांसफर-पोस्टिंग’ (Transfer Deal)** के काम से आते हैं। प्रेस रूम के भीतर ही इन दलालों के जरिए मोटी डील्स फाइनल की जा रही हैं।
### **लोकतंत्र के पावन मंदिर में हुड़दंग: “जन्मदिन घर पर मनाओ, प्रेस रूम आरामगाह नहीं!”**
विधानसभा की मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाते हुए इस सरकारी परिसर के भीतर आए दिन जन्मदिन की पार्टियां मनाई जा रही हैं, केक काटे जा रहे हैं और धड़ल्ले से सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट कर शासन-प्रशासन को खुली चुनौती दी जा रही है।
> **सीधी चेतावनी:** जन्मदिन जैसे कार्यक्रम घर में मनाए जाने चाहिए, न कि लोकतंत्र के पवित्र मंदिर विधानसभा के पत्रकार कक्ष में! यह कक्ष पत्रकारों के लिए खबरों के संकलन और बैठकें करने के लिए बनाया गया है, न कि इसे आरामगाह बनाने और बाहरी तत्वों को लाकर अपना ‘भौकाल’ स्थापित करने के लिए। हमारे सच्चे पत्रकार साथियों को भी ऐसे संदिग्ध तत्वों और उनके आकाओं से पूरी तरह बचना चाहिए।
>
### **विधानसभा अध्यक्ष और LIU तुरंत लें एक्शन, कहीं हो न जाए बड़ी घटना!**
इस पूरे गंभीर प्रकरण को लेकर अब सीधे तौर पर **विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना** और वहां मुस्तैद **एलआईयू (LIU)** को स्वत: संज्ञान लेकर कठोर कार्यवाही करना अत्यंत आवश्यक है।
* **सुरक्षा एजेंसियों को खुली चुनौती:** प्रेस रूम में केवल वही पत्रकार बैठें जिनके पास वैध प्रेस कार्ड या मान्यता कार्ड हो, और वहां बैठकर केवल प्रेस के कार्य और बैठकें हों तो किसी को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन बिना पास वाले बाहरी तत्वों की यह घुसपैठ सुरक्षा पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है।
* **वीवीआईपी सुरक्षा दांव पर:** प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और तमाम ताकतवर मंत्री इसी विधानसभा परिसर में बैठते हैं। सरकार और विधानसभा प्रशासन को इस पूरे खेल पर तुरंत नजर रखनी चाहिए, ताकि सुरक्षा में सेंधमारी के कारण यहाँ कोई बड़ी अनहोनी या घटना न घट जाए।
### **शासन और प्रशासन से सीधे सवाल:**
1. मोहम्मद कामरान के गुर्गे अनिल तिवारी और बिना पास वाली **’कामरान एंड कंपनी’** को विधानसभा के भीतर इस तरह अराजकता फैलाने की खुली छूट किसने दी?
2. क्या विधानसभा का प्रेस रूम अब जनहित की खबरों के बजाय दलालों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के सौदों का गवाह बनेगा?
3. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के **’जीरो टॉलरेंस’** के नारे को विधानसभा के गेट पर चंद रुपयों की रिश्वत में बेचने वाले सुरक्षाकर्मियों और एलआईयू के ढीले रवैये पर कार्रवाई कब होगी?
**बड़ी चेतावनी:** इस सिंडिकेट के दलाली और अवैध घुसपैठ के वीडियो साक्ष्य बेहद सुरक्षित हाथों में पहुंच चुके हैं। यदि विधानसभा अध्यक्ष, सरकार और एलआईयू ने तत्काल संज्ञान लेकर इन दलालों को चिन्हित कर विधानसभा से बाहर नहीं निकाला, तो यह विस्फोटक सबूत बहुत जल्द बड़े स्तर पर सार्वजनिक कर दिए जाएंगे!