**डीएम श्री सैमुअल पाल एन. का बड़ा फैसला: हर 1200 वोटर्स पर बनेगा एक मतदेय स्थल!**
**2027 चुनाव की तैयारी: जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. ने कलेक्ट्रेट में की अहम बैठक!**



*रिपोर्ट- आलोक कुमार शर्मा(विश्वदीप चिंतनपथ) मासिक पत्रिका नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क समूह द्वारा संचालित*
**जौनपुर।** आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 की तैयारियों के मद्देनजर जौनपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मतदाताओं की सहूलियत, निष्पक्ष और सुगम मतदान सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) के युक्तिकरण (सम्भाजन) एवं पुनरीक्षण को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इस बार प्रति **1200 मतदाताओं** के मानक पर मतदेय स्थलों का सम्भाजन किया जा रहा है।
*### 📅 मतदेय स्थलों के पुनरीक्षण की समय-सारिणी (टाइमलाइन)*
बैठक में राजनीतिक दलों के सामने बूथों के भौतिक सत्यापन से लेकर अंतिम सूची के प्रकाशन तक का पूरा शेड्यूल साझा किया गया:
* **24 से 28 जून, 2026:** मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निधारण और नए बूथों का चिन्हांकन।
* **29 जून से 01 जुलाई, 2026:** राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श एवं प्रस्ताव तैयार करना।
* **04 जुलाई, 2026:** मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन और राजनीतिक दलों को इसकी प्रतियां सौंपना।
* **18 जुलाई, 2026:** सांसदों, विधायकों और मान्यता प्राप्त दलों के साथ बैठक कर शिकायतों/सुझावों का निस्तारण कर सूची को अंतिम रूप देना।
* **25, 27 एवं 28 जुलाई, 2026:** सभी संलग्नकों सहित अंतिम प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन कार्यालय को अनुमोदन के लिए भेजना।
* **31 जुलाई, 2026:** मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रस्ताव को भारत निर्वाचन आयोग के पास अंतिम मंजूरी हेतु प्रेषित करना।
*### 🏢 हाईटेक सोसाइटियों और बहुमंजिला इमारतों में भी बनेंगे पोलिंग बूथ*
शहरी मतदाताओं को बड़ी राहत देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जिन ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों और बहुमंजिला इमारतों में ग्राउंड फ्लोर पर कम्युनिटी हॉल या सामान्य सुविधा क्षेत्र उपलब्ध हैं, वहाँ के निवासियों के लिए परिसर के अंदर ही मतदेय स्थल बनाए जाएं। भारत निर्वाचन आयोग इस बार शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला सोसाइटियों में बूथ बनाने पर विशेष जोर दे रहा है। इसके साथ ही, पिछले कुछ वर्षों में विकसित हुई नई आवासीय कॉलोनियों में भी जरूरत के अनुसार नए पोलिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे।
*### ⚠️ जर्जर भवन, राजनीतिक और निजी परिसरों से हटेंगे बूथ*
चुनाव प्रक्रिया की शुचिता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:
* **निजी व व्यावसायिक भवनों से विदाई:** यदि कोई बूथ दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, मैरिज होम, निजी कम्युनिटी सेंटर या किसी राजनीतिक व्यक्ति के स्वामित्व वाले भवन में चल रहा है, तो उसे तत्काल किसी शासकीय भवन में शिफ्ट किया जाएगा।
* **जर्जर और अस्थायी भवनों पर रोक:** अत्यधिक पुराने, जर्जर या अस्थायी निर्माण वाले मतदेय स्थलों को उसी क्षेत्र के मजबूत स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा।
* **दूरी का नियम:** मुख्य गांव या बस्ती से दूर स्थित बूथों को हटाया जाएगा ताकि मतदाताओं को **2 किलोमीटर** से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े।
### 🔍 इन महत्वपूर्ण बातों पर रहेगा विशेष फोकस
> * **परिवार नहीं टूटेंगे:** आयोग की सख्त अपेक्षा है कि एक ही परिवार के सभी सदस्यों के नाम समान अनुभाग और समान पोलिंग स्टेशन पर ही रहें।
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* **भूतल पर ही होंगे बूथ:** दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए सभी मतदेय स्थल अनिवार्य रूप से ग्राउंड फ्लोर पर होंगे, जहाँ रैम्प (Ramp) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
* **राजनीतिक कार्यालयों से दूरी:** किसी भी राजनीतिक दल या लेबर यूनियन के कार्यालय से **200 मीटर के भीतर** कोई भी मतदेय स्थल नहीं बनाया जा सकता।
* **सहायक (Auxiliary) बूथों का खात्मा:** मतदेय स्थलों की इस नई सूची में कोई भी सहायक बूथ नहीं रखा जाएगा। विधानसभा वार सभी बूथों को रनिंग सीरियल नंबर दिए जाएंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि यदि वर्तमान मतदेय स्थलों को लेकर उनकी कोई आपत्ति या सुझाव हो, तो वे लिखित रूप से दे सकते हैं, ताकि समय रहते उनका सम्यक निस्तारण किया जा सके। बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
