मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति उत्तर प्रदेश का शपथग्रहण समारोह सफलतापूर्वक संपन्न
संयोजक प्रभात त्रिपाठी के नेतृत्व में हुआ शपथग्रहण समारोह


*कलम का शंखनाद: प्रभात के नेतृत्व में पत्रकारिता के नए ‘स्वर्णिम अध्याय’ का उदय*
*कृष्णानन्द शर्मा”शिवराम”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गलियारों में जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की साख और एकता को लेकर सवाल तैर रहे थे, तब एक ऐसे व्यक्तित्व का उदय हुआ जिसने न केवल अंतर्विरोधों के ‘अंधकार’ को चीरा, बल्कि पत्रकारिता के क्षितिज पर एकता का सूर्योदय कर दिया। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति का भव्य शपथ ग्रहण समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन भर नहीं था, बल्कि यह उस संकल्प की सिद्धि थी, जिसे प्रभात कुमार त्रिपाठी ने असंभव को संभव बनाने के ध्येय से शुरू किया था।
*विवादों का अंत, एकता का अनंत प्रारंभ*
पिछले कुछ समय से मुख्यालय और जिलों के पत्रकारों के बीच जो एक अदृश्य दरार पैदा करने की कोशिशें की जा रही थीं, प्रभात जी ने अपनी सूझबूझ और समन्वयकारी व्यक्तित्व से उन तमाम कोशिशों को विफल कर दिया। उन्होंने एक ऐसी ‘संयुक्त समिति’ की नींव रखी है जो अब केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर जिले के पत्रकार की आवाज बनेगी। यह आयोजन इस बात का गवाह बना कि जब इरादे नेक हों, तो साजिशों का कुहासा छंटते देर नहीं लगती।
*शासन और संगठन: ‘डबल इंजन’ की रफ्तार का नया मॉडल*
जिस प्रकार उत्तर प्रदेश शासन में प्रमुख सचिव (सूचना) संजय प्रसाद की दूरदर्शिता, ईमानदारी और कार्य के प्रति अटूट निष्ठा को जब विशाल जैसे कर्मठ व्यक्तित्व का सानिध्य मिला, तो सूचना विभाग ‘डबल इंजन’ की रफ्तार से दौड़ने लगा। आज योगी सरकार की उपलब्धियां जिस प्रभावी ढंग से जनमानस तक पहुँच रही हैं, वह इसी कुशल समन्वय का परिणाम है।
ठीक उसी तर्ज पर, प्रभात कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व वाली पुनर्गठित समिति भी अब शासन और पत्रकारों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगी। इस सामंजस्य का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों की जायज मांगों को शासन की चौखट तक पहुँचाना और उनका निस्तारण सुनिश्चित करना है।
*न तलवार निकालो, न कमान खींचो…’*
अकबर इलाहाबादी का वह मशहूर शेर, “खींचो न कमान को न तलवार निकालो, जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो,” इस चुनाव और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पर सटीक बैठता है। प्रभात जी ने बिना किसी कोलाहल के, अत्यंत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से यह संदेश दे दिया कि लेखनी की शक्ति तलवार से कहीं अधिक धारदार होती है। समिति के नव-निर्वाचित पदाधिकारी न केवल अपनी लेखनी से समाज को आईना दिखा रहे हैं, बल्कि अब वे पत्रकार हितों के लिए एक ढाल बनकर भी खड़े नजर आएंगे।
लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों की गरिमा: विज्ञापन नहीं, ‘रीढ़ की हड्डी’
समाचार पत्रों के सुचारू संचालन में विज्ञापनों की भूमिका पर चर्चा करते हुए समिति ने एक महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से मिलने वाले विज्ञापन किसी खैरात की तरह नहीं, बल्कि समाचार पत्र की वह ‘रीढ़ की हड्डी’ हैं जो उसे निष्पक्ष रहने की शक्ति प्रदान करते हैं।
पुनर्गठित समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी यह है कि:
* लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों को मिलने वाले सरकारी विज्ञापनों की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया जाए।
* यह सुनिश्चित किया जाए कि विज्ञापनों के अभाव में किसी पत्रकार की कलम ‘समझौते’ की स्याही न सोखने पाए।
* समाचारों की विश्वसनीयता बनी रहे, इसके लिए आर्थिक सुदृढ़ता अनिवार्य है, और समिति इसके लिए सतत प्रयासरत रहने का संकल्प ले चुकी है।
*प्रतिस्पर्धा नहीं, सह-अस्तित्व का नया दौर*
मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका उद्देश्य किसी अन्य संगठन से प्रतिस्पर्धा करना या किसी व्यक्तिगत पत्रकार से बैर पालना नहीं है। यह ‘सबका साथ, पत्रकारों का विकास’ के मंत्र पर आधारित एक ऊर्जावान इकाई है। प्रदेश के पत्रकारों को अब एक ऐसा मंच मिला है जहाँ उनकी शिकायतों पर विचार होगा और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।
*भविष्य की रूपरेखा: एक सशक्त पत्रकारिता की ओर*
इस शपथ ग्रहण के साथ ही एक नए युग का प्रारंभ हुआ है। संयोजक महोदय और पूरी टीम के सामने अब उत्तर प्रदेश के पत्रकारिता जगत को एक नई दिशा देने का उत्तरदायित्व है। जिले और मुख्यालय के बीच की खाई को पाटने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में काम कर रहे पत्रकारों को भी वही सम्मान और सुविधाएं मिल सकें जो राजधानी के पत्रकारों को प्राप्त हैं।
प्रभात कुमार त्रिपाठी ने जिस धैर्य और गरिमा के साथ इस संगठन को पुनर्जीवित किया है, वह आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल है। यह समिति अब केवल पहचान पत्र (Card) दिलाने वाला माध्यम नहीं, बल्कि पत्रकारों के मान-सम्मान की रक्षा करने वाला एक जीवंत प्रहरी बनकर उभरी है। आज का दिन उत्तर प्रदेश की पत्रकारिता के इतिहास में ‘स्वर्णिम अक्षरों’ में अंकित किया जाएगा।
*बधाइयां और शुभकामनाएं*
उत्तर प्रदेश के समस्त पत्रकार जगत की ओर से नई समिति के सभी ऊर्जावान पदाधिकारियों को सफल कार्यकाल की मंगलकामनाएं- कृष्णानन्द शर्मा”शिवराम”समूह सम्पादक- नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क

