जौनपुर में न्याय की हुंकार:शहीद पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की पुण्यतिथि पर जुटे जिलेभर के दिग्गज
पुलिस विवेचना पर उठे सवाल, मुख्य आरोपी नासिर जमाल का नाम चार्जशीट से निकाले जाने पर आक्रोश, जौनपुर पुलिस की कार्यप्रणाली संदिग्ध


# **जौनपुर में न्याय की हुंकार: शहीद पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की पुण्यतिथि पर जुटे जिले भर के दिग्गज,*
*पुलिसिया विवेचना पर उठाए सवाल**
*कृष्णानन्द शर्मा*
लखनऊ,जौनपुर के पत्रकार संघ भवन में आयोजित पुण्यतिथि में आशुतोष श्रीवास्तव के हत्यारों को सजा मिलने तक हमारा संघर्ष विराम नहीं लेगा।” यह गर्जना बुधवार को शहर के पत्रकार भवन में आयोजित **शहीद पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव** की दूसरी पुण्यतिथि पर हुई श्रद्धांजलि सभा में गूंजी। नम आँखों और भारी आक्रोश के बीच जिले के पत्रकारों ने स्पष्ट कर दिया कि वे कलम के सिपाही की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
### **शहादत को नमन: भावुक हुआ माहौल**
श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत आशुतोष श्रीवास्तव के चित्र पर पुष्पार्पण से हुई। जैसे ही पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए, पूरा माहौल भावुक हो गया। वक्ताओं ने कहा कि आशुतोष की निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता ही उनकी पहचान थी। उन्होंने सदैव भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को अपनी लेखनी से उजागर किया, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
### **विवेचना में लापरवाही पर ‘विस्फोटक’ आक्रोश**
सभा में सबसे अधिक उबाल पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर दिखा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि:
1. मामले की विवेचना में शुरू से ही घोर लापरवाही बरती गई।
2. मुख्य अभियुक्त **नासिर जमाल** का नाम विवेचना के दौरान बाहर कर दिया गया, जो न्याय का गला घोंटने जैसा है।
3. पीड़ित परिवार आज भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
**चेतावनी:** पत्रकार संगठनों ने एक स्वर में कहा कि यदि मामले की **पुनः निष्पक्ष जांच** नहीं हुई और सभी दोषियों को सजा नहीं मिली, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
### **संघर्ष के इस मंच पर उपस्थित रहे ये दिग्गज**
शहीद आशुतोष को न्याय दिलाने के संकल्प में जिले के पत्रकारों और बुद्धिजीवियों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभा में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:
**वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता:**
राजकुमार सिंह, राजेश श्रीवास्तव, रामजी जायसवाल, संजय अस्थाना, शशिराज सिन्हा, आशीष पाण्डेय,अजय शुक्ला, प्रो० आशा राम यादव, अजीत सिंह, जावेद अहमद, अब्दुल हक अंसारी, आदित्य भारद्वाज, दीपक श्रीवास्तव, राजन मिश्रा, नितिश कुमार, राहुल, दीपक मिश्रा, नीरज सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र पाण्डेय, विनोद विश्वकर्मा, रोहित चौबे, अबिश इमाम, तबरेज नियाजी, अनवर हुसैन, सुनील सिंह, शिवेंद्र सिंह ‘काजू’, दीपक सिंह उर्फ रिंकू, संजय चौरसिया और भोले विश्वकर्मा।
**शोक संतप्त परिवार:**
आशुतोष श्रीवास्तव के बड़े भाई संतोष श्रीवास्तव (वादी मुकदमा), परितोष श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, भतीजे अमित श्रीवास्तव, अंकित, अर्पित श्रीवास्तव और राम मिलन मौर्या समेत भारी संख्या में अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
### **घटनाक्रम: 13 मई 2024 की वो काली दोपहर**
ज्ञात हो कि शाहगंज थाना क्षेत्र के इमरानगंज बाजार में दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने सबरहद निवासी आशुतोष श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में संतोष श्रीवास्तव ने नासिर जमाल सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। परिवार का आरोप है कि रसूख के चलते मुख्य आरोपियों को बचाने का खेल खेला जा रहा है।
** श्रद्धांजलि सभा मात्र एक रस्म नहीं, बल्कि प्रशासन के खिलाफ एक शंखनाद बनकर उभरी। अब देखना यह है कि जौनपुर पुलिस इस जनाक्रोश के बाद न्याय की दिशा में क्या कदम उठाती है।

