राजधानी लखनऊ से प्रयागराज तक भारी फेरबदल, अचानक बीस आईपीएस अधिकारियों के तबादले से शासन में मचा हड़कंप,
पहली सूची में एडीजी से लेकर डीआईजी तक की कुर्सी हिली,कई जिलों के कप्तानों पर भी लटक रही तलवार


*यूपी पुलिस में भारी ओवरहॉलिंग’: बीस आईपीएस अफसरों की कुर्सी हिली*
*राजधानी से प्रयागराज तक फेरदबदल*
*कृष्णानन्द शर्मा*
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक ‘शार्प’ करने के इरादे से योगी सरकार ने पुलिस महकमे में एक बड़ी सर्जरी की है। देर रात जारी हुई सूची में 20 दिग्गज IPS अफसरों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए। इस फेरबदल की तपिश एडीजी (ADG) से लेकर डीआईजी (DIG) स्तर तक महसूस की गई है। कहीं विभागों की अदला-बदली हुई, तो कहीं ‘वेटिंग लिस्ट’ में बैठे अफसरों को सीधे फील्ड की मलाईदार और चुनौतीपूर्ण पोस्टिंग सौंपी गई है।
*कुर्सी की अदला-बदली: लॉजिस्टिक्स और मानवाधिकार में स्वैप*
तबादला एक्सप्रेस में सबसे चौंकाने वाला नाम एडीजी राम कुमार और राजकुमार का रहा, जिनके बीच विभागों की सीधी अदला-बदली हुई है। राम कुमार अब ‘लॉजिस्टिक्स’ की ताकत संभालेंगे, तो राजकुमार ‘मानवाधिकार’ के प्रहरी होंगे। वहीं, प्रशांत कुमार को एडीजी प्रशासन के महत्वपूर्ण पद पर तैनात कर प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश की गई है।
*प्रयागराज में ‘नया पहरा’, लखनऊ को मिला ‘नया आईजी*
* प्रयागराज का नया ‘बॉस’: एडीजी ज्योति नारायण को प्रयागराज जोन की कमान सौंपी गई है, जबकि वहां तैनात डॉ. संजीव गुप्ता को मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
* लखनऊ रेंज में किरण की एंट्री: लंबे समय से प्रतीक्षारत किरण एस. को लखनऊ रेंज का आईजी बनाकर सरकार ने बड़े भरोसे का संकेत दिया है।
* कमिश्नरेट में महिला पावर: जांबाज अफसर अपर्णा कुमार अब लखनऊ की नई संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) होंगी, जिन पर राजधानी की कानून-व्यवस्था का भारी दारोमदार होगा।
*भ्रष्टाचार और सुरक्षा पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक*
सरकार ने जांच और सुरक्षा एजेंसियों में भी अनुभवी चेहरों को फिट किया है। तरुण गाबा को प्रोन्नति के साथ एडीजी सुरक्षा जैसा संवेदनशील पद मिला है, तो आनन्द कुलकर्णी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) का जिम्मा देकर विभाग को साफ-सुथरा रखने का संदेश दिया गया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में अमित वर्मा की तैनाती भी बेहद अहम मानी जा रही है।
*किसे क्या मिला?*
* भर्ती बोर्ड: आशुतोष कुमार (एडीजी)
* रेलवे की सुरक्षा: आर.के. भारद्वाज (आईजी, लखनऊ) और एन. कोलान्ची (आईजी, प्रयागराज)
* ईओडब्ल्यू: अमित वर्मा (आईजी)
* प्रयागराज कमिश्नरेट: विजय ढुल (अपर पुलिस आयुक्त)
* जांच विंग: रोहन पी. कनय (डीआईजी)
*सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा*
यह तबादला सूची महज एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि आगामी निकाय चुनाव और त्योहारों से पहले फील्ड की किलेबंदी है। खास तौर पर प्रतीक्षारत अधिकारियों को मुख्य धारा में लाना शासन की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, इसके अलावा कई जिलों के पुलिस कप्तान पर भी तलवार लटक रही है शीघ्र ही आने वाली अगली सूची में आजमगढ़, जौनपुर, चन्दौली, प्रतापगढ़, अयोध्या सहित अन्य जिलों के कप्तानों के स्थानांतरण की खबर विभागीय सूत्रों के हवाले से मिली है।

