ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने राज्य के सभी विधायकों/मंत्रियों को सौंपा ज्ञापन
जौनपुर में जिला महामंत्री आशीष पाण्डेय के नेतृत्व में क्षेत्रीय विधायक रमेश चन्द्र मिश्रा को सौंपा गया ज्ञापन


*पत्रकारों की समस्याओं को लेकर जीपीए का प्रदेशव्यापी अभियान*
*विधायकों को सौंपे गए ज्ञापन*
*वेद प्रकाश शर्मा*
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पत्रकारों की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन (GPA) ने प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संपूर्ण राज्य में एक व्यापक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, संगठन की जिला कमेटियों ने अपने-अपने क्षेत्र के माननीय विधायकों को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों को पेश आ रही कठिनाइयों से अवगत कराया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि माननीय विधायकगण इन महत्वपूर्ण मांगों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाएं, जिससे प्रदेश के पत्रकारों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
*जौनपुर में सौंपा गया ज्ञापन*
इसी क्रम में, जौनपुर जिला महामंत्री आशीष पाण्डेय के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने बदलापुर के विधायक रमेश चंद्र मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पत्रकार समुदाय के लिए प्रमुख मांगें शामिल थीं।
*ज्ञापन की प्रमुख मांगें*
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन द्वारा दिए गए ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया गया है:
* स्वास्थ्य सुरक्षा: पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए बेहतर मेडिकल सुविधा और स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था।
* यातायात में सुविधा/फ्री यात्रा: पत्रकारों को उनके पेशेवर कार्यों के लिए पूरे राज्य में फ्री यात्रा की सुविधा प्रदान करना।
* सुरक्षा और जीवन बीमा: पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें जीवन बीमा कवर प्रदान करना।
* रेलवे में सुरक्षा: रेल या हवाई यात्रा को फ्री करना और यात्रा या समाचार सम्प्रेषण के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
*पूरे राज्य में व्यापक समर्थन*
यह उल्लेखनीय है कि यह ज्ञापन ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के केंद्रीय निर्देश पर पूरे राज्य से जुड़े संगठन के पदाधिकारियों द्वारा अपने स्थानीय विधायक और मंत्रियों को सौंपा गया है। यह राज्य भर के पत्रकारों की एकजुटता और उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर दृष्टिकोण को दर्शाता है।
एसोसिएशन का मानना है कि इन मांगों को पूरा करने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पत्रकार बिना किसी भय और आर्थिक दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन अधिक कुशलता से कर सकेंगे, जो अंततः लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करेगा।
