लखनऊ पुलिस का कारनामा: सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में पुलिस ने आटोरिक्शा चालक को धमकाया
सुशांत गोल्फ सिटी में लखनऊ पुलिस का कारनामा
*यूपी पुलिस पर फिर लगे मनमानी के आरोप: सुशांत गोल्फ सिटी में ऑटो चालक परेशान*
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पुलिस एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र की एचसीएल (HCL) चौकी से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर गरीब तबके के लोगों को परेशान करने का आरोप लगा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना विगत 3 नवंबर 2025 की रात की बताई जा रही है। शिवम नामक एक ऑटो चालक, जो कि किराए पर मालिक सूरज यादव का ऑटो चलाता है जिसको एचसीएल चौकी के पास रोका गया।
*जबरन ऑटो ज़ब्त करने का आरोप*
शिकायत के मुताबिक, चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों, जिनमें गौरव कुमार और उपेंद्र सिंह का नाम सामने आ रहा है, ने ऑटो चालक शिवम को रोका। आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के, इन पुलिसकर्मियों ने जबरन शिवम का ऑटो चौकी पर खड़ा करा लिया और उसे ज़ब्त कर लिया।
ऑटो चालक शिवम एक गरीब तबके से आता है और ऑटो चलाकर ही अपनी तथा अपने परिवार की रोज़ी-रोटी चलाता है। रात में अचानक ऑटो ज़ब्त किए जाने से न सिर्फ उसकी दैनिक आय प्रभावित हुई है, बल्कि उसके सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
*बेलगाम’ पुलिस पर उठे सवाल*
यह घटना एक बार फिर लखनऊ पुलिस के कुछ कर्मियों के मनमाने और असंवेदनशील रवैये को दर्शाती है। गरीबों के रोज़गार के साधन को इस तरह से जबरन ज़ब्त करना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाता है। यह आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों द्वारा अक्सर गरीब और छोटे व्यवसायियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, जबकि नियम-कानून बड़े लोगों पर उतनी सख्ती से लागू नहीं होते।
ऑटो मालिक सूरज यादव और चालक शिवम ने इस मामले में उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि:
* जब्त किया गया ऑटो तत्काल छोड़ा जाए।
* दोषी पुलिसकर्मियों (गौरव कुमार और उपेंद्र सिंह) के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।
यह देखना दिलचस्प होगा कि यूपी पुलिस के आला अधिकारी इस गंभीर आरोप का संज्ञान लेते हैं या नहीं और क्या गरीब ऑटो चालक को न्याय नहीं मिल पाता है। 