सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज को जागृत होना होगा - डा०पराशर
प्रेम के भजनों पर मंत्रमुग्ध हुए अंतरराष्ट्रीय कथावाचक
सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज को जागृत होना होगा- डॉ०पाराशर
प्रेम के भजनों पर मंत्रमुग्ध हुए अंतरराष्ट्रीय कथावाचक
सुशील तिवारी
लालगंज,प्रतापगढ़। उदियापुर निवासी वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र द्विवेदी के आवास पर आयोजित भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक डॉ. श्याम सुंदर पाराशर जी महाराज ने सनातन धर्म की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म केवल एक मत या पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की पूर्ण व्यवस्था है जिसमें मानवता, करुणा, सत्य और प्रेम के मूल तत्व निहित हैं।महाराज श्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि धर्म की रक्षा के लिए पहले अपने आचरण को धार्मिक बनाना होगा। सनातन की रक्षा किसी अन्य पंथ के विरोध में नहीं, बल्कि अपने मूल संस्कारों को जीवित रखने में है। जब परिवार में धर्म रहेगा, तभी समाज और देश दोनों सुदृढ़ बनेंगे।उन्होंने आगे कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपने बच्चों को गीता, वेद और पुराणों के आदर्शों से जोड़ें। धर्म केवल मंदिरों तक सीमित न रहे, बल्कि हमारे व्यवहार, वाणी और कर्म में दिखाई दे।कार्यक्रम में भजन गायक प्रेम के सुमधुर भजनों ने वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। महाराज श्री भी इन भजनों से भावविभोर हो गए।शिक्षक एवं साहित्यकार पवन मिश्र प्रखर ने स्वागत गीत के माध्यम से गुरु की महिमा का बखान प्रस्तुत किया, जबकि संचालन भगवताचार्य पंडित विनय शुक्ल ने किया।शिक्षक संजीव द्विवेदी ने राधा कृष्ण की प्रतिमा भेंट कर महाराज जी का सारस्वत सम्मान किया।कार्यक्रम में विशालमूर्ति मिश्र, प्रबंधक प्रकाश चंद्र मिश्र, राजा राणा सूबेदार सिंह चौहान, विवेक उपाध्याय, नागेश्वर द्विवेदी, सोनू तिवारी हदिराही,ललित त्रिपाठी, रवि शुक्ला, अजेंद्र सिंह, विपिन पांडेय, शायर अनूप प्रतापगढ़ी, शिक्षक रामकृष्ण मिश्र, प्रधान विद्युत मिश्र, समाजसेवी ओम नारायण त्रिपाठी, सौम्य त्रिपाठी,सनी सिंह, कान्हा शुक्ला, एडवोकेट श्याम शुक्ला ,अभिषेक पाण्डेय सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
