स्वरोजगार: राष्ट्रीय पटल पर बेरोजगारी पर करारा प्रभावी प्रहार करती सांई समर्पण ग्रुप माइक्रोफाइनेंस कम्पनी
युवाओं को स्वरोजगार व गरीबों को कर्ज मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता सांई समर्पण ग्रुप
*राष्ट्रीय उत्थान में ‘सांई समर्पण ग्रुप’ की अहम भूमिका*
*युवाओं को स्वरोजगार की राह; गरीबों को साहूकारी कर्ज के शिकंजे से मुक्ति*
नई दिल्ली : भारत के राष्ट्रीय पटल पर माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ते हुए, सांई समर्पण ग्रुप ने लाखों युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोले हैं और ग्रामीण तथा शहरी गरीबों को महंगे व शोषणकारी कर्ज से मुक्त कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया है। कंपनी के दूरदर्शी सीएमडी विजय कुमार जायसवाल की अगुवाई में, यह समूह आज देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
*जौनपुर से राष्ट्रीय स्तर तक की यात्रा*
सीएमडी विजय कुमार जायसवाल ने इस सामाजिक-आर्थिक क्रांति की शुरुआत उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से की थी। उनका प्राथमिक लक्ष्य उन युवाओं को अवसर प्रदान करना था जो नौकरी तलाशने के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, साथ ही उन गरीब परिवारों को सहारा देना था जो उच्च ब्याज दर वाले अनौपचारिक कर्ज (साहूकारी प्रथा) के जाल में फंसे हुए थे।
विजय जायसवाल की पहल, ‘सांई समर्पण ग्रुप’ (Sai Samarpan Group) आज एक विशाल राष्ट्रीय माइक्रोफाइनेंस कंपनी का रूप ले चुकी है, जिसने देश के लाखों लोगों की तकदीर बदली है।
*स्वरोजगार: बेरोजगारी पर प्रभावी प्रहार*
सांई समर्पण ग्रुप छोटे व्यवसाय (माइक्रो-एंटरप्राइजेज) शुरू करने के लिए जरूरतमंद लोगों को आसान किश्तों पर माइक्रोलोन उपलब्ध कराता है। यह वित्तीय सहायता युवाओं को नया कारोबार, जैसे कि छोटी दुकान, उत्पादन इकाई या सेवा-आधारित उद्यम, स्थापित करने में सक्षम बनाती है।
*सीएमडी विजय कुमार जायसवाल के शब्द:* “हमारा उद्देश्य केवल ऋण देना नहीं है, बल्कि एक ऐसे समाज की संरचना करना है जहाँ सभी को व्यवसाय के लिए अवसर मिले। सांई समर्पण ग्रुप गरीबी और बेरोजगारी का समूल नाश करने के लिए कृतसंकल्पित है।
*वित्तीय समावेशन और कर्ज मुक्ति*
माइक्रोफाइनेंस कंपनी समूह-आधारित मॉडल पर काम करती है, जिससे कमजोर आय वर्ग की महिलाओं और पुरुषों को बैंक रहित क्षेत्रों में भी वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) का लाभ मिलता है। साहूकारों के शिकंजे से मुक्ति दिलाकर, यह समूह लोगों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।सांई समर्पण ग्रुप का यह प्रयास न केवल व्यक्तियों को गरीबी से बाहर निकाल रहा है, बल्कि छोटे स्तर पर क्रय शक्ति बढ़ाकर देश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान कर रहा है, जिससे यह राष्ट्रीय विकास में अमूल्य दे रहा है। 