जौनपुर की राजनीति में भूचाल: बदलापुर के प्रथम विधायक ओमप्रकाश दूबे"बाबा"करेंगे जन-जन आर्शिवाद यात्रा, राजनैतिक हलचल तेज
सौ दिनों तक गांव की चौपालों में कटेगी रात, जौनपुर की राजनीति में आया भूचाल
*जौनपुर की राजनीति में हलचल! बाबा दुबे की ‘जन-जन आशीर्वाद यात्रा का शंखनाद*
*100 दिनों तक गाँव की चौपालों में कटेगी रात*
*कृष्णानन्द शर्मा*
लखनऊ ,उत्तर प्रदेश के जनपद जौनपुर में बदलापुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में एक बड़ी हलचल मचाते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे ने 100 दिवसीय ‘जन-जन आशीर्वाद यात्रा’ का शंखनाद कर दिया है। यह यात्रा न केवल एक राजनीतिक अभियान है, बल्कि ग्रामवासियों के साथ सीधा और व्यक्तिगत जुड़ाव स्थापित करने का एक अनूठा प्रयास है।
*100 दिनों का संकल्प, 30 न्याय पंचायतों का भ्रमण*
बाबा दुबे ने बदलापुर विधानसभा की करीब 30 न्याय पंचायतों को कवर करने का लक्ष्य रखा है। इस यात्रा का फॉर्मेट बेहद ज़मीनी रखा गया है:
* न्याय पंचायत में तीन दिन: वे प्रत्येक न्याय पंचायत में लगातार तीन दिन गुजारेंगे।
* चौपाल के माध्यम से संवाद: इस दौरान न्याय पंचायत से जुड़े सभी गाँवों में जाकर चौपाल लगाएंगे और जनता की समस्याओं को सुनेंगे।
* गाँव में रात्रि विश्राम: सबसे महत्वपूर्ण यह है कि बाबा दुबे ग्रामवासियों के बीच ही रात बिताएंगे, जो उनके ‘जन-जन’ से जुड़ने के संकल्प को दर्शाता है।
यात्रा का औपचारिक शुभारंभ अर्जुनपुर न्याय पंचायत से होना है, जिसके लिए 2 नवंबर को उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ एक बैठक भी की।
*स्वच्छ छवि और शानदार कार्यकाल का आधार*
बाबा दुबे का जनता के बीच एक अच्छा-खासा प्रभाव माना जाता है। उन्होंने वर्ष 2002 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राजनीति में कदम रखा और अब तक लोकसभा और विधानसभा के 7 चुनाव लड़ चुके हैं।
उनका पिछला विधायक कार्यकाल भी जनता के बीच बेहद शानदार माना जाता है। यह रिकॉर्ड है कि उनके कार्यकाल में बदलापुर विधानसभा को पूरे प्रदेश में सबसे कम अपराध और सबसे कम भ्रष्टाचार वाले क्षेत्रों में गिना जाता था। एक साफ-सुथरी छवि और जनहितकारी कार्यों के मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड के साथ उनकी यह यात्रा शुरू हो रही है, जिससे उन्हें अच्छा प्रतिसाद मिलने की उम्मीद है।
*राजनीतिक उद्देश्य: कार्यकर्ताओं से संवाद और नए चेहरे जोड़ना*
भले ही बाबा दुबे पिछले विधानसभा चुनाव में बहुत कम मतों से पराजित हुए थे, लेकिन उनकी यह 100 दिवसीय यात्रा पूरी तरह से राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। इस यात्रा के माध्यम से वे:
* पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ गहन संवाद करेंगे।
* क्षेत्र में नए लोगों को जोड़ने और जनाधार मजबूत करने का प्रयास करेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, सभाजीत तिवारी, रामजी उपाध्याय समेत कई स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने इस बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो इस यात्रा के शुरुआती समर्थन को दर्शाती है।
बाबा दुबे की यह यात्रा जौनपुर की स्थानीय राजनीति को किस दिशा में मोड़ती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।


