अर्चित तिवारी टाप न्यूज एंकर, मचाया धमाल, रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें एंकर अर्चित तिवारी की सराहना की,
जबरदस्त लेखन और वाइस ओवर से दिल जीत लिया एंकर अर्चित तिवारी ने, अर्चित तिवारी के मुरीद हुए प्रधानमंत्री मोदी
♦*वीरांगना ऊदा देवी पासी की अमर गाथा राष्ट्रीय पटल पर, रक्षामंत्री और मुख्यमंत्री भाव-विभोर*
*एंकर अर्चित तिवारी की कृति को मिला शीर्ष सम्मान*
लखनऊ।उत्तर प्रदेश की गौरवशाली धरती पर आयोजित एक गरिमामयी समारोह में, देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के समक्ष 1857 की महान क्रांति की वीरांगना ऊदा देवी पासी के अदम्य शौर्य और बलिदान की गाथा गूंज उठी। नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क सहित अन्य प्रतिष्ठित मीडिया नेटवर्कों के जाने-माने एंकर अर्चित तिवारी द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई श्रव्य-दृश्य (ऑडियो-विजुअल) प्रस्तुति ने माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी दोनों को भाव-विभोर कर दिया।
ओजस्वी लेखन, वाचन और संपादन का संगम
अर्चित तिवारी ने इस ऐतिहासिक प्रस्तुति के लिए न केवल सशक्त और ओजस्वी स्क्रिप्ट का लेखन किया, बल्कि अपनी विशिष्ट और प्रभावशाली आवाज़ के माध्यम से वाचन (नरेशन) भी किया। कुशल संपादन के साथ तैयार की गई यह कृति, वीरांगना ऊदा देवी पासी के अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को पूरी जीवंतता के साथ दर्शाती है। प्रस्तुति के दौरान, पूरे सभागार में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना की धारा प्रवाहित हुई।
*शीर्ष नेतृत्व की सराहना*
राष्ट्र जागरण की दिशा में कदम
प्रस्तुति की समाप्ति पर, उपस्थित दोनों ही शीर्ष नेताओं ने इस प्रयास को अत्यंत महत्वपूर्ण और अनुकरणीय बताया।
माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने एंकर तिवारी की प्रस्तुति की गहनता और शोध की सराहना करते हुए कहा कि, “ऐसी अमर गाथाओं को राष्ट्रीय पटल पर लाना समय की माँग है। यह प्रस्तुति न केवल ऊदा देवी के शौर्य को श्रद्धांजलि है, बल्कि राष्ट्र जागरण की दिशा में एक सशक्त मीडियाई कदम भी है।”
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने इसे उत्तर प्रदेश की विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास बताते हुए कहा, “हमारी गुमनाम वीरांगनाओं का इतिहास प्रेरणा का स्रोत है। अर्चित तिवारी जी ने जिस समर्पण और गुणवत्ता के साथ इस गाथा को प्रस्तुत किया है, वह अन्य मीडिया पेशेवरों के लिए एक मापदंड है। राज्य सरकार ऐसी ऐतिहासिक प्रस्तुतियों को हमेशा प्रोत्साहन देगी।”
*सौभाग्य की बात*
इस सफलता पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए, एंकर अर्चित तिवारी ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य माना। उन्होंने कहा, “वीरांगना ऊदा देवी पासी जी के शौर्य की अमर गाथा को माननीय रक्षामंत्री और मुख्यमंत्री जी के समक्ष प्रस्तुत कर पाना मेरे लिए व्यक्तिगत सम्मान से परे है। यह मेरे लिए राष्ट्रीय दायित्व की पूर्ति है। मेरा प्रयास है कि मैं मीडिया के माध्यम से अपने देश के प्रत्येक ओजस्वी व्यक्तित्व को यथोचित सम्मान दिला सकूँ।”
यह प्रस्तुति मीडिया की भूमिका को महज समाचार देने तक सीमित न रखकर, इतिहास के पुनर्लेखन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई है।



