स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी के मिशन को पूरा करने को समर्पित है रामकृष्ण मठ- स्वामी मुक्तिनाथानन्द
रामकृष्ण मिशन के उद्देश्यों को समर्पित रामकृष्ण मठ-स्वामी मुक्तिनाथानन्द
अमित चावला-ब्यूरो चीफ लखनऊ 
लखनऊ.रामकृष्ण मठ, निराला नगर, लखनऊ का उद्घाटन रामकृष्ण मिशन ,बेलूड़ मठ के 13वें अध्यक्ष स्वामी रंगनाथानन्द महाराज के कर कमलों द्वारा 19 नवम्बर 1999 को हुआ था. तभी से यह मठ रामकृष्ण मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए समर्पित है. यह बातें रामकृष्ण मठ निराला नगर के सार्वभौमिक मन्दिर की 26वीं स्थापना दिवस की वर्षगांठ पर मन्दिर में स्वामी इष्टकृपानन्दजी द्वारा पूजन के पश्चात रामकृष्ण मठ, लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द ने कही. तदुपरान्त स्थापना दिवस पर मन्दिर में पूजा पाठ का कार्यक्रम सुबह 5 बजे से श्री रामकृष्ण की मंगल आरती के साथ शुरू हुआ.
इस अवसर पर प्रातः स्वामी मुक्तिनाथनन्द महाराज द्वारा विशेष सतप्रसंग ‘‘श्री माँ सारदा देवी ही माँ जगद्धात्री हैं’’ पर प्रवचन देते हुये उन्होंने बताया कि माँ सारदा देवी, जिन्हें जगद्धात्री के रूप में भी पूजा जाता है, एक अद्वितीय आध्यात्मिक व्यक्तित्व थीं जिन्होंने अपने जीवन को सेवा, प्रेम और ज्ञान के मार्ग पर समर्पित कर दिया। उनका जीवन एक प्रेरणा है, जो हमें सच्चे प्रेम, करुणा और आत्म-समर्पण की भावना को समझने में मदद करता है.माँ सारदा देवी को माँ जगद्धात्री के रूप में पूजा जाता है, जो इस बात का प्रतीक है कि वे समस्त जगत की माता हैं.
सायं मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने ‘श्री रामकृष्ण के सार्वभौमिक मन्दिर के महत्व विषय पर प्रकाश डाला. स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने इस अवसर पर उपस्थित भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्दजी ने समाज व राष्ट्र की जो परिकल्पना की थी, रामकृष्ण मठ उसका अक्षरशः अनुपालन कर रहा है.
