बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला,संब्बधता निरस्त,
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा ने दिए आदेश
*बिना अनुमति के सभी संबद्धीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त*
*वेद प्रकाश शर्मा*
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में बिना शासन की अनुमति के विभिन्न कार्यालयों में किए गए अध्यापकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सभी संबद्धीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने 21 अक्टूबर, 2025 को एक सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि बिना शासन की अनुमति के किसी भी व्यक्ति का संबद्धीकरण स्वीकार्य नहीं है और यह व्यवस्था अनुचित है।
अपर मुख्य सचिव ने आदेश में स्पष्ट कहा है कि संज्ञान में आया है कि शासन की अनुमति के बिना उच्चाधिकारियों द्वारा विभिन्न आदेशों के माध्यम से अध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबद्धीकरण विभिन्न कार्यालयों में किए गए हैं, जबकि उनकी मूल तैनाती कहीं और है, जो कि सही नहीं है।
आदेश में दिए गए प्रमुख निर्देश:
* तत्काल निरस्तीकरण: शासन की अनुमति के बिना यदि कोई अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने मूल तैनाती के स्थान के अलावा कहीं संबद्ध किया गया है, तो उसके संबद्धीकरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए उनको मूल तैनाती के स्थान पर वापस भेजा जाए।
* भविष्य में सख्ती: भविष्य में शासन की अनुमति के बिना किसी भी अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी को ऐसे स्थान पर संबद्ध न किया जाए, जहाँ उनकी मूल तैनाती न हो।
* अनुपालन सुनिश्चित करें: महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) एवं निदेशक (बेसिक/माध्यमिक शिक्षा) को उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए एक संकलित आख्या 10 दिन के अंदर अपर मुख्य सचिव के कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने यह भी कहा कि “बिना शासन की अनुमति किसी का संबद्धीकरण स्वीकार्य नहीं। सभी ऐसे आदेश तत्काल निरस्त किए जाएं और संबंधित व्यक्ति अपने मूल तैनाती स्थल पर लौटें।” इस आदेश से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, और सभी विभागों को इसका तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस कदम को प्रशासनिक पारदर्शिता और शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।
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