महादेवा में 41वर्षों से जीवंत है मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चन्द्र जी के आदर्शों की परंपरा
महादेवा में रामलीला की तैयारियां जोरों पर


लखनऊ। यूपी के जनपद सुल्तानपुर की लम्भुआ तहसील के अंतर्गत स्थित महादेवा गांव में पिछले 41 वर्षों से भगवान श्रीराम और माता जानकी के जीवन चरित्र एवं आदर्शों का मंचन गांव के स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जा रहा है। यह अनूठी परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि नई पीढ़ी को श्रीराम के आदर्शों और मर्यादाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनी हुई है।गांव की श्री शिव रामलीला समिति, महादेवा इस वर्ष भी भव्य आयोजन की तैयारियों में जुटी है। समिति के अनुसार, वार्षिक रामलीला उत्सव 23 अक्टूबर 2025 से 29 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान महादेवा गांव भक्ति, सांस्कृतिक उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहेगा।समिति के सह संरक्षक डा. संजय कुमार दुबे ने बताया कि महादेवा की रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। यहां के कलाकार और ग्रामीण पिछले चार दशकों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को मंच के माध्यम से जीवंत कर रहे हैं। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का संकल्प है।डा.दुबे ने आगे कहा कि इस वर्ष की रामलीला में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और पारंपरिक संगीत के साथ कई नवीन झांकियाँ भी आकर्षण का केंद्र होंगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में आकर श्रीराम के जीवन आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त करें और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को सशक्त बनाएं।स्थानीय निवासियों के अनुसार, हर वर्ष यह आयोजन गांव की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन लीला दर्शन के लिए पहुंचते हैं और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेते हैं।

